2026नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इस समय अपनी ही पार्टी के भीतर और शुरुआती समर्थकों के तीखे हमलों का सामना कर रही है। शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए जहां एक तरफ CJP के शीर्ष नेता इनडोर पार्टी में डांस कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ करीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे वालंटियर्स और छात्रों को कथित तौर पर लावारिस और भूखा छोड़ दिया गया।
यूट्यूबर मेघनाद एस का फूटा गुस्सा
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब राजनीतिक टिप्पणीकार और प्रसिद्ध यूट्यूबर मेघनाद एस ने CJP प्रवक्ता सौरव दास के एक इंस्टाग्राम वीडियो पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। इस वीडियो का कैप्शन 'रेजिग्नेशन पार्टी' (Resignation Party) था, जिसमें पार्टी के नेता बच्चों और समर्थकों के साथ डांस करते हुए जश्न मना रहे थे। इस वीडियो पर कमेंट करते हुए मेघनाद ने लिखा, "मैं यह सुबह के 4 बजे देख रहा हूं। मैं और कुछ अन्य लोग पिछले दो दिनों से अपने निजी पैसों से उन बेसहारा और भूखे CJP वालंटियर्स और प्रदर्शनकारियों को घर भेज रहे हैं जिन्हें आपने लावारिस छोड़ दिया। मैं कुछ नहीं बोलने वाला था, लेकिन इस वीडियो को देखकर मेरा खून खौल गया है।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जैसे ही CJP के स्वघोषित 'नेता' जंतर-मंतर से उठकर चले गए, दिल्ली पुलिस ने वहां आकर प्रदर्शनकारियों का सामान जब्त कर लिया और उन्हें वहां से खदेड़ दिया। मेघनाद ने अपने कमेंट के अंत में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, "जब आप लोग पार्टी कर रहे थे, तब दिल्ली में 70 से अधिक प्रदर्शनकारी और छात्र भूखे सो रहे थे क्योंकि आपने उनकी परवाह न करने का फैसला किया। बधाई हो CJP, आखिरकार तुम भी बाकी पारंपरिक राजनीतिक दलों की तरह ही बन गए।"
जंतर-मंतर पर लंगर चलाने वाले जुनैद से भी बेरुखी?
यह विवाद सिर्फ मेघनाद के आरोपों तक ही सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर लोग CJP नेतृत्व से इस बात को लेकर भी सवाल पूछ रहे हैं कि आंदोलन के दौरान एक महीने से अधिक समय तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने वाले स्थानीय सहयोगी 'जुनैद' के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया? एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में जुनैद ने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बाद CJP के बड़े नेता उनसे हाथ मिलाए बिना ही वहां से रवाना हो गए। इसके अलावा जब कुछ वालंटियर्स को पुलिस ने हिरासत में लिया, तब भी नेतृत्व जश्न मनाने में व्यस्त था।
फंसे हुए छात्रों के लिए मेघनाद ने बढ़ाया मदद का हाथ
आरोपों के बाद, मेघनाद ने दिल्ली में फंसे हुए बाहरी राज्यों के छात्रों की व्यावहारिक मदद के लिए सोशल मीडिया पर कुछ इंस्टाग्राम हैंडल और हेल्पलाइन साझा कीं। उन्होंने बताया कि जिन छात्रों को तत्काल ट्रेन टिकट चाहिए, वे सुबह 10 बजे से पहले संपर्क करें। साथ ही, दिल्ली में रहने और आश्रय की समस्या का सामना कर रहे छात्रों के लिए उन्होंने विंडसर प्लेस स्थित 'इंडियन यूथ कांग्रेस' के कार्यालय में ठहरने का एक अस्थायी प्रबंध भी कराया।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दी सफाई
इन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि पूरे मामले को सोशल मीडिया पर काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "वह कोई फाइव-स्टार होटल की पार्टी नहीं थी, बल्कि एक सामान्य 2 या 3-स्टार बेसमेंट हॉल था। हम वहां उन 150 से 200 वालंटियर्स का आभार व्यक्त करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए इकट्ठा हुए थे, जो पिछले 37 दिनों से सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे और जिनमें से आधे से अधिक लोग दूसरे राज्यों के थे।" दास ने आगे कहा कि जो वीडियो बाहर आया वह सिर्फ जश्न का एक छोटा सा हिस्सा था, लेकिन उससे पहले नेताओं ने फर्श पर बैठकर एक-एक वालंटियर से व्यक्तिगत बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि मंच पर न होने का मतलब यह नहीं होता कि नेतृत्व अन्य जमीनी समस्याओं या वालंटियर्स के घर जाने की व्यवस्था पर काम नहीं कर रहा था।
