एनआईए के अधिकारी राणा से पूछताछ कर रहे हैं। 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने मुंबई पर भीषण हमला किया। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई। मुंबई पर हमला करने वाले सभी आतंकवादी मारे गए। कसाब को फांसी दी गई। लेकिन इस हमले की साजिश रचने वाले अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं।
राणा इन्हीं साजिशकर्ताओं में से एक है। कानून के शिंकजे में राणा कब फंसा है। इसकी टाइम लाइन कुछ इस प्रकार है। अक्टूबर 2009 में अमेरिकी की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने राणा को शिकागो में गिरफ्तार किया।
जून 2011 में अमेरिकी अदालत ने राणा को दैनिश न्यूजपेपर पर हमले की साजिश रचने एवं आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की मदद करने के लिए दोषी ठहराया।
जनवरी 2013 में कोर्ट ने इसे 14 साल की सजा सुनाई। इसके बाद जून 2020 में भारत ने राणा के प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका से औपचारिक अनुरोध किया। मई 2023 में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज ने राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की इजाजत दी।
अगस्त 2024 में यूएस कोर्ट ऑफ अपील ने राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी। जनवरी 2025 में यूएस सुप्रीम कोर्ट ने राणा की अंतिम अपील खारिज की। बीते 10 अप्रैल को राणा अमेरिका से भारत लाया गया।