राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप जिस राज कुशवाहा पर लगा है वो सोनम की दुकान में लेखपाल का काम करता है। राज कुशवाहा 12वीं फेल है। सोनम का मायका इंदौर के गोविंद नगर खारचा इलाके में है। वह फर्नीचर में इस्तेमाल होने वाली सनमाइका शीट के कारोबार के पारिवारिक प्रतिष्ठान का काम-काज संभालती है। राज कुशवाहा इसी प्रतिष्ठान में बतौर लेखापाल काम करता है। मतलब सोनम, राज कुशवाहा की मालकिन हुई और राज कुशवाहा सोनम का नौकर।
सोनम का नौकर राज कुशवाहा, उसे दीदी-दीदी कहता था। मतलब भाई-बहन का रिश्ता था, लेकिन सच्चाई में दोनों एक दूसरे से इश्क करते थे। हालांकि परिवार का दावा है कि दोनों के बीच प्रेमी-प्रेमिका का कोई संबंध नहीं था। सोनम के साथ रिलेशनशिप में होने के बारे में सवाल पूछे जाने पर राज कुशवाहा की बहन ने कहा, "मेरा भाई भला उसके साथ कैसे रिलेशनशिप में हो सकता है? वो तो उसे दी-दी बुलाता था। दोनों के बीच में नौकर-मालिक जैसा रिश्ता था। ऐसी स्थिति में आप भला रिलेशनशिप में वाली थ्योरी कैसे ला सकते हैं?"
जांच में खुलासा हुआ है कि सोनम जिस शख्स को प्यार करती थी उसका नाम राज कुशवाहा था और वो उससे पांच साल छोटा था। शादी से पहले उसके साथ रिलेशनशिप में था और सोनम ने उसके साथ मिलकर राजा को खत्म करने की साजिश रची। नवविवाहिता सोनम ने ही मेघालय को हनीमून के लिए चुना था और टिकट बुक कराई थी। हत्या को अंजाम देने के आरोपी तीन लोगों - विक्की ठाकुर, आनंद और आकाश को कथित तौर पर सोनम और राज कुशवाहा ने राजा को मारने की सुपारी दी थी।
अभी तक को जो घटनाक्रम सामने आया है, उससे ये तो स्पष्ट लग रहा है कि सोनम बेवफा ही है। अपने पतिन राजा रघुवंशी के साथ तो उसने धोखा दिया ही, उससे शादी करके और फिर मर्डर करवाकर। अपने प्रेमी और परिवार से भी गद्दारी की। जब प्रेमी के साथ शादी के लिए घरवाले तैयार नहीं हुए तो प्रेमी को इस मुगलाते में रखी कि वो शादी करके पति को मरवा देगी फिर प्रेमी राज से शादी कर लेगी। अब शादी तो हुई नहीं जेल की सैर और हो गई। सोनम किसी की नहीं हुई न राज की और न राजा की।
इंदौर के राजा और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई को हुई थी। दोनों के बीच कोई खटपट की खबर नहीं। दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। शादी के 9 दिन बाद सोनम और राजा 20 मई को हनीमून के लिए असम में मां कामाख्या के दर्शन करने के बाद 23 मई को मेघालय के शिलॉन्ग रवाना हुआ। शुरुआत में परिवार की दोनों से बात होती रही, फिर संपर्क टूट गया। 24 मई से ही दोनों के मोबाइल बंद हो गए तो परिवार वालों को चिंता हुई।
कई कोशिशों के बाद जब कोई संपर्क नहीं हो सका तो सोनम के भाई गोविंद और राजा के भाई विपिन इमरजेंसी फ्लाइट से शिलॉन्ग पहुंचे। यहां दोनों के लापता होने पर एनडीआरएफ और पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके आठ दिन बाद राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला। वहीं, सोनम रघुवंशी लापता थी, जिसकी तलाश शुरू की गई।
सोनम शिलॉन्ग से कब निकली कैसे निकली ये रहस्य है। वो वहां से निकली और कैसे गाजीपुर पहुंची ये नहीं बता पाई है। 9 जून को सीधे सोनम यूपी के गाजीपुर में प्रकट हो गई। सरेंडर कर दिया। सोनम ने हनीमून पर जाने की टिकट खुद बुक करवाई थी, लेकिन वापसी की टिकट नहीं करवाई थी। मेघालय पुलिस का कहना है कि सूबे में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या में उनकी पत्नी सोनम कथित रूप से शामिल थी जिसने वहां भाड़े के हत्यारे बुलाए थे।