वार्षिक तीर्थयात्रा के दूसरे दिन रविवार को लगभग 15,000 लोगों ने दक्षिण कश्मीर हिमालय में अमरनाथ के पवित्र गुफा मंदिर में पूजा-अर्चना की। (सभी तस्वीरें : PTI)
पहले दो दिनों में गुफा मंदिर के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या अब 28,000 से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि गुफा मंदिर में दर्शन करने वालों में 9,979 पुरुष तीर्थयात्री और 3,439 महिला तीर्थयात्री शामिल थे। 1,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों, 83 बच्चों और दो ट्रांसजेंडरों ने भी तीर्थयात्रा की।
खास बात ये है कि तमाम खतरों के बावजूद श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर भारी जोश है।
4,140 तीर्थयात्रियों ने पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और 2,321 तीर्थयात्रियों ने छोटे लेकिन दुर्गम चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करने का विकल्प चुना है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 28 जून को पहले जत्थे को रवाना किया था और तब से कुल 19,564 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बालटाल और पहलगाम आधार शिविर के लिए तड़के सवा तीन बजे 265 वाहनों में 6,461 तीर्थयात्रियों का चौथा जत्था रवाना हुआ।
यात्रा शनिवार को दो मार्गों से शुरू हुई - अनंतनाग में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल में 14 किलोमीटर छोटा लेकिन तीव्र बालटाल मार्ग।
52 दिवसीय तीर्थयात्रा 19 अगस्त को समाप्त होगी। पिछले वर्ष 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने गुफा मंदिर में दर्शन किए थे।