'प्रतिशोध अगर भूल गए तो इस देश की सबसे बड़ी त्रासदी होगी', NSA अजीत डोभाल ने क्यों कहा ऐसा

NSA Ajit Doval speech: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने शनिवार को बड़ी बात कही। उन्होंने इतिहास में भारत के साथ अन्याय एवं अत्याचार हुए। इसका प्रतिशोध हर भारतवासी में होना चाहिए। भारत को महाशक्ति एवं विकसित बनाकर इस प्रतिशोध को पूरा किया जा सकता है। NSA ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा (Motivation) का होना जरूरी है लेकिन इस प्रेरणा को अनुशासन और आदत में ढालना होगा। डोभाल ने इस मौके पर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, संघर्ष और आजादी में उनके योगदान को याद किया। (तस्वीर-PTI)

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Jan 11 2026, 10:43 IST
​अपने इतिहास का प्रतिशोध ले सकें -डोभालImage Credit : PTI01 / 07

​अपने इतिहास का प्रतिशोध ले सकें -डोभाल

दिल्ली में‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद’ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने संबोधन में डोभाल ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा सिर्फ सीमाओं पर मजबूत नहीं करनी है, बल्कि आर्थिक और तकनीकी तौर पर भी देश को इतना मजबूत बनाना है कि हमलों और पराधीनता के अपने इतिहास का प्रतिशोध ले सकें।

​‘मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ था'Image Credit : PTI02 / 07

​‘मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ था'

उन्होंने तीन दिवसीय इस आयोजन में भाग ले रहे देश भर के तीन हजार युवाओं से कहा, ‘मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ था। आप भाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र भारत में पैदा हुए। सदियों तक हमारे पूर्वजों ने इसके लिये बहुत कुर्बानियां और अपमान सहे हैं। भगत सिंह को फांसी हुई, सुभाष चंद्र बोस को जीवन भर संघर्ष करना पड़ा, महात्मा गांधी को सत्याग्रह करना पड़ा और अनगिनत लोगों को जानें देनी पड़ीं।’

​हमारी सभ्यता, मंदिरों को लूटा गया-NSAImage Credit : PTI03 / 07

​हमारी सभ्यता, मंदिरों को लूटा गया-NSA

भारत के खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख 81 वर्षीय डोभाल ने कहा, ‘हमारे गांव जले, हमारी सभ्यता को समाप्त किया गया, हमारे मंदिरों को लूटा गया और हम एक मूक दर्शक की तरह असहाय होकर देखते रहे। यह इतिहास हमें एक चुनौती देता है कि भारत के हर युवक के अंदर आग होनी चाहिये।’

नेतृत्व में होनी चाहिए सही निर्णय लेने की क्षमता-एनएसएImage Credit : PTI04 / 07

नेतृत्व में होनी चाहिए सही निर्णय लेने की क्षमता-एनएसए

कार्यक्रम में भाग ले रहे युवाओं को ‘भविष्य का नेता’ बताते हुए उनसे इच्छाशक्ति और सही निर्णय लेने की क्षमता के विकास का आह्वान करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण दिया । उन्होंने कहा,‘आज हम बहुत भाग्यशाली हैं कि देश में एक ऐसा नेतृत्व है, जिसने दस साल में देश को कहां से कहां पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता, मेहनत, अनुशासन और समर्पण सभी के लिये आदर्श है। मोदीजी के पास इतने नये विचार रहते हैं, जो इच्छाशक्ति और समर्पण से आता है। आप भाग्यवान हैं कि उस भारत को देखेंगे, जिसकी हम कल्पना कर सकते हैं।’

प्रतिशोध अपने आप में बड़ी शक्ति होती है-डोभालImage Credit : PTI05 / 07

प्रतिशोध अपने आप में बड़ी शक्ति होती है-डोभाल

उन्होंने कहा,‘प्रतिशोध शब्द अच्छा तो नहीं है, लेकिन यह अपने आप में बड़ी शक्ति होती है। हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है और हमें इस देश को फिर वहां पहुंचाना है, जहां हम अपने हक, अपने विचार और अपनी आस्थाओं के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें। हमें अपने आपको हर रूप में आर्थिक, रक्षात्मक, तकनीकी तौर मजबूत बनाना है ।’

नेपोलियन का दिया उदाहरणImage Credit : PTI06 / 07

नेपोलियन का दिया उदाहरण

डोभाल ने कहा ,‘नेपोलियन बोनापार्ट बहुत बड़ा योद्धा था, जो कहता था कि मुझे हजार शेरों की फौज से डर नहीं लगता, अगर उसका नेतृत्व एक भेड़ का बच्चा कर रहा है, लेकिन अगर भेड़ों की फौज का नेतृत्व करने वाला एक शेर होगा, तो मुझे उससे बहुत डर लगता है। नेतृत्व क्षमता इतनी महत्वपूर्ण है।’उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लड़ाइयां सुरक्षा चिंताओं के कारण ही लड़ी जाती है।

​'तो यह इस देश की सबसे बड़ी त्रासदी होगी'Image Credit : PTI07 / 07

​'तो यह इस देश की सबसे बड़ी त्रासदी होगी'

डोभाल ने कहा, ‘हमारी एक बड़ी विकसित सभ्यता थी। हमने किसी के मंदिर नहीं तोड़े और कहीं जाकर लूटा नहीं। हमने दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया, परंतु हम अपनी सुरक्षा और उस पर खतरों के प्रति उदासीन रहे, तो हमें इतिहास ने एक सबक सिखाया। क्या हमने वह सबक सीखा और क्या उसे याद रखेंगे। अगर आने वाली पीढियां उस सबक को भूल जायेंगी, तो यह इस देश की सबसे बड़ी त्रासदी होगी।’

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