काराकस में राष्ट्रपति मदुरो के महल में ऑपरेशन कैसे चल रहा है, यह देखने की पूरी व्यवस्था मार ए लागो के एक कमरे में की गई थी। हमले की रियल टाइम फीड इस कमरे में आ रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक रात 10 बजकर 46 मिनट पर ट्रंप ने 'गो अहेड' एवं 'गॉडस्पीड' कहते हुए ऑपरेशन शुरू करने का आदेश दिया।
इसके बाद 20 सैन्य बेस से अमेरिकी फाइटर जेट्स, हेलिकॉप्टर और बॉम्बर वेनेजुएला की तरफ उड़े। वेनेजुएला के रडार से बचने के लिए अटैक हेलिकॉप्टरों ने काले समुद्र में 100 फीट के ऊपर से उड़ान भरी। इसके बाद काराकास में धमाके होने शुरू हो गए और कुछ घंटे बाद मादुरो डेल्टा वन फोर्स के सैनिकों के कब्जे में थे।
हाल के कुछ महीनों में ट्रंप ने खुले तौर पर साफ कर दिया था कि मादुरो को परिवार सहित वेनेजुएला छोड़कर जाना पड़ेगा। ट्रंप प्रशान को उम्मीद थी कि धमकियों और दबाव के बाद मादुरो पद छोड़ देंगे लेकिन मादुरो राष्ट्रपति पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए, वे अपनी जिद पर अड़े रहे। इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों के बीच तल्ख बयानबाजी होती रही जिससे माहौल और बिगड़ता चला गया।
मादुरो की पद न छोड़ने की जिद ट्रंप को नागवार गुजरी। इसके बाद मादुरो के शासन के अंत की पटकथा पर काम शुरू हो गया। ट्रंप के निर्देश पर मादुरो को हटाने की प्लानिंग पर काम होने लगा। मादुरो और वेनेजुएला को घेरने की एक तस्वीर तो दुनिया के सामने थी जिसमें यह नजर आ रहा था कि वेनेजुएला के समुद्र में कथित ड्रग तस्करों के बोट्स पर हवाई हमले हो रहे हैं। कैरेबियन सागर में अमेरिकी युद्धपोत वेनेजुएला को घेर रहे हैं और वेनेजुएला के आसपास करीब 15 हजार अमेरिकी सैनिकों की तैनाती हो चुकी है।
ऑपरेशन एब्सल्यूट रिजॉल्व शुरू होने के दो तीन घंटे के भीतर ही मादुरो डेल्टा वन फोर्स के सैनिकों के अधीन थे, उन्होंने एक तरह से सरेंडर कर दिया था। ऑपरेशन का प्लान इतना फूल प्रूफ था कि मादुरो को भागने का मौका नहीं मिला। वह स्टील से बने अपने मजबूत कमरे तक नहीं जा पाए।
वेनेजुएला पर हमला करते हुए मादुरो का खेल कैसे खत्म करना है, इसकी प्लानिंग पर काम होने लगा। इस ऑपरेशन की तैयारी और उसके तरीके के बेहद गोपनीय रखा गया। सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि वेनेजुएला पर हमले की योजना अगस्त महीने से बननी शुरू हो गई थी।
मतलब दुनिया को दिखाने के लिए सैन्य कार्रवाई का मंच तैयार किया गया लेकिन यह सब ऊपरी तौर पर था। ट्रंप प्रशासन को जब यह लग गया कि बिना सैन्य दखल के मादुरो अपना पद नहीं छोड़ेंगे तो ऑपरेशन का असली प्लानिंग या कहिए खेल शुरू हो गया।