'गो अहेड, गॉडस्पीड' बोलते ही शुरू हो गया 'ऑपरेशन अब्सोल्यूट रिजॉल्व', ट्रंप के आदेश पर 20 बेस से उड़े फाइटर प्लेन

Maduro capture inside story: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो न्यूयॉर्क में डिटेंशन सेंटर में हैं, उन पर ड्रग तस्करों की मदद करने का केस चलेगा, हो सकता है कि उन्हें लंबी जेल या उम्र कैद की सजा हो जाए। तीन जनवरी की रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर डेल्टा वन फोर्स के सैनिक राष्ट्रपति मदुरो के महल में घुसे और पत्नी के साथ सो रहे मादुरो को अपने कब्जे में ले लिया। मादुरो को पकड़ने वाले अभियान का नाम 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' था। मादुरो को पकड़ने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की बड़ी भूमिका रही है। (तस्वीर-X/Whitehouse)

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Jan 5 2026, 08:50 IST
​​20 सैन्य बेस से उड़े फाइटर प्लेन​Image Credit : X/Whitehouse01 / 07

​​20 सैन्य बेस से उड़े फाइटर प्लेन​

काराकस में राष्ट्रपति मदुरो के महल में ऑपरेशन कैसे चल रहा है, यह देखने की पूरी व्यवस्था मार ए लागो के एक कमरे में की गई थी। हमले की रियल टाइम फीड इस कमरे में आ रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक रात 10 बजकर 46 मिनट पर ट्रंप ने 'गो अहेड' एवं 'गॉडस्पीड' कहते हुए ऑपरेशन शुरू करने का आदेश दिया।

काराकास में धमाके होने शुरू हो गएImage Credit : X/Whitehouse02 / 07

काराकास में धमाके होने शुरू हो गए

इसके बाद 20 सैन्य बेस से अमेरिकी फाइटर जेट्स, हेलिकॉप्टर और बॉम्बर वेनेजुएला की तरफ उड़े। वेनेजुएला के रडार से बचने के लिए अटैक हेलिकॉप्टरों ने काले समुद्र में 100 फीट के ऊपर से उड़ान भरी। इसके बाद काराकास में धमाके होने शुरू हो गए और कुछ घंटे बाद मादुरो डेल्टा वन फोर्स के सैनिकों के कब्जे में थे।

दबाव के आगे झुके नहीं मादुरोImage Credit : X/Whitehouse03 / 07

दबाव के आगे झुके नहीं मादुरो

हाल के कुछ महीनों में ट्रंप ने खुले तौर पर साफ कर दिया था कि मादुरो को परिवार सहित वेनेजुएला छोड़कर जाना पड़ेगा। ट्रंप प्रशान को उम्मीद थी कि धमकियों और दबाव के बाद मादुरो पद छोड़ देंगे लेकिन मादुरो राष्ट्रपति पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए, वे अपनी जिद पर अड़े रहे। इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों के बीच तल्ख बयानबाजी होती रही जिससे माहौल और बिगड़ता चला गया।

फिर पटकथा पर काम शुरू हो गयाImage Credit : X/Whitehouse04 / 07

फिर पटकथा पर काम शुरू हो गया

मादुरो की पद न छोड़ने की जिद ट्रंप को नागवार गुजरी। इसके बाद मादुरो के शासन के अंत की पटकथा पर काम शुरू हो गया। ट्रंप के निर्देश पर मादुरो को हटाने की प्लानिंग पर काम होने लगा। मादुरो और वेनेजुएला को घेरने की एक तस्वीर तो दुनिया के सामने थी जिसमें यह नजर आ रहा था कि वेनेजुएला के समुद्र में कथित ड्रग तस्करों के बोट्स पर हवाई हमले हो रहे हैं। कैरेबियन सागर में अमेरिकी युद्धपोत वेनेजुएला को घेर रहे हैं और वेनेजुएला के आसपास करीब 15 हजार अमेरिकी सैनिकों की तैनाती हो चुकी है।

मादुरो के ​आवास में घुसी डेल्टा वन फोर्सImage Credit : X/Whitehouse05 / 07

मादुरो के ​आवास में घुसी डेल्टा वन फोर्स

ऑपरेशन एब्सल्यूट रिजॉल्व शुरू होने के दो तीन घंटे के भीतर ही मादुरो डेल्टा वन फोर्स के सैनिकों के अधीन थे, उन्होंने एक तरह से सरेंडर कर दिया था। ऑपरेशन का प्लान इतना फूल प्रूफ था कि मादुरो को भागने का मौका नहीं मिला। वह स्टील से बने अपने मजबूत कमरे तक नहीं जा पाए।

​बेहद गोपनीय रखा गया प्लानImage Credit : X/Whitehouse06 / 07

​बेहद गोपनीय रखा गया प्लान

वेनेजुएला पर हमला करते हुए मादुरो का खेल कैसे खत्म करना है, इसकी प्लानिंग पर काम होने लगा। इस ऑपरेशन की तैयारी और उसके तरीके के बेहद गोपनीय रखा गया। सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि वेनेजुएला पर हमले की योजना अगस्त महीने से बननी शुरू हो गई थी।

​प्लानिंग पर काम अगस्त महीने से शुरू हो गया थाImage Credit : X/Whitehouse07 / 07

​प्लानिंग पर काम अगस्त महीने से शुरू हो गया था

मतलब दुनिया को दिखाने के लिए सैन्य कार्रवाई का मंच तैयार किया गया लेकिन यह सब ऊपरी तौर पर था। ट्रंप प्रशासन को जब यह लग गया कि बिना सैन्य दखल के मादुरो अपना पद नहीं छोड़ेंगे तो ऑपरेशन का असली प्लानिंग या कहिए खेल शुरू हो गया।

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