अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके पूरा होने के बाद अमृतसर, भटिंडा, मोगा, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर और जामनगर शहरों को विशेष रूप से लाभ होगा।
इस एक्सप्रेस-वे की सबसे खास बात है कि यह कई सौ किलोमीटर रेगिस्तान से होकर गुजरेगा और इसे अगले साल दिसंबर तक पूरा करने की योजना है।
पंजाब के अमृतसर से गुजरात के जामनगर तक फैला यह एक्सप्रेस-वे 1,316 किमी लंबा होगा जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की 1,350 किमी लंबाई से थोड़ा ही कम है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का लक्ष्य इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने का है, और इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है।
औद्योगिक रूप से अहम यह एक्सप्रेस-वे राजस्थान और हरियाणा में सैकड़ों किलोमीटर के रेगिस्तान को पार करेगा। इस दौरान कई बड़े शहर इसके दायरे में आएंगे।
फिलहाल अमृतसर से जामनगर की दूरी 1,516 किमी है, जिसे तय करने में लगभग 26 घंटे लगते हैं।
नए एक्सप्रेसवे के बनने से दूरी भी 216 किमी कम हो जाएगी और यात्रा का समय आधा घटकर सिर्फ 13 घंटे रह जाएगा।
इसका सबसे बड़ा कारण स्पीड का बढ़ना होगा क्योंकि एक्सप्रेसवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां चलाई जा सकेंगी।
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भी फायदा होगा। इससे पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।