देश के इस सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की कई खासियतें हैं जो इसे दूसरों से बिल्कुल अलग बनाती हैं। यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट है और इसकी अनुमानित लागत 1 लाख करोड़ रुपये है। यह देश का सबसे लंबा और व्यस्त एक्सप्रेस-वे होगा। इसकी लंबाई 1,350 किमी होगी।
दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट है और इसकी कुल लंबाई 1,350 किमी. है। यह एक्सप्रेस-वे कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत जैसे बडे़ शहरों को कनेक्ट करेगा।
एक्सप्रेस-वे पर 30 लेन टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं जिससे गुजरते समय गाड़ियों का वेट-टाइम 10 सेकंड से भी कम का होगा। इस एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए कार पार्किंग. फ्यूल पंप, रेस्टोरेंट, सर्विस एरिया, टॉयलेट, चिल्ड्रेन प्ले एरिया का इंतजाम होगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सोहना, हरियाणा से शुरू होकर राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में खत्म होगा। इस दौरान दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, वडोदरा, सूरत , अहमदाबाद से होकर गुजरेगा।
यह एक्सप्रेस-वे 6 राज्यों से होकर गुजरेगा। इनमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। एक्सप्रेस-वे गुड़गांव से शुरू होगा और राजस्थान में जयपुर और सवाई माधोपुर, मध्य प्रदेश में रतलाम और गुजरात में वडोदरा से होकर मुंबई तक जाएगा। इस दौरान यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव होगा।
इस प्रोजेक्ट के पूरे हो जाने के बाद दिल्ली से मुंबई का सफर और आसान और समय बचाने वाला हो जाएगा। अभी मुंबई से दिल्ली जाने में लगभग 24 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेस-वे के तैयार होने के बाद सफर 12 घंटे का ही रह जाएगा।
सबसे खास बात है कि यह भारत का पहला एक्सप्रेस-वे होगा जिसमें 2.5 किमी वन्यजीव क्रॉसिंग होगी। इस प्रोजेक्ट को कुल 52 पैकेज में बांटा गया है, जिनकी लंबाई 8 किमी से 46 किमी तक है।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली में DND फ्लाईओवर से शुरू होकर मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट तक जाएगा। इस दौरान यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव होगा।