पंजाब स्टेट डियर लोहड़ी मकर संक्रांति बंपर लॉटरी 2026 में इनाम जीतने के बाद सबसे पहला कदम है, टिकट को संभालकर रखना, टिकट असली है या फर्जी, इसकी पहचान करना। जब टिकट का नंबर कंफर्म हो जाए, तब आगे की प्रक्रिया शुरू होती है। क्लेम प्रोसेस की शुरुआत आवेदन फॉर्म से होती है।
पंजाब लॉटरी में इनाम के लिए क्लेम फॉर्म आप दो तरीके से हासिल कर सकते हैं, एक तो ऑनलाइन- https://punjabstatelotteries.gov.in/ से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ कार्यालय और टिकट विक्रेता से भी क्लेम फॉर्म हासिल कर सकते हैं।
पंजाब लॉटरी में इनाम के लिए क्लेम फॉर्म जब आप हासिल कर लें तो आप उसे सावधानी पूर्वक पहले पढ़े और फिर उसे भरें। क्लेम फॉर्म में ही फॉर्म को किस तरह से भरना है, इसकी जानकारी मौजूद रहती है। विजेता अपना नाम, टिकट नंबर, पता, बैंक अकाउंट नंबर, पैन नंबर, ये सारी डिटेल भरें। ये जारी जानकारी आधिकारिक कागजात के अनुसार ही होनी चाहिए।
पंजाब स्टेट डियर लोहड़ी मकर संक्रांति बंपर लॉटरी 2026 में इनाम जीतने के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम है, कागजात। विजेता को उन कागजातों को जमा करना होगा, आवेदन फॉर्म के साथ अटैच करना होगा। जैसे आधार कार्ड की कॉपी, पैन कार्ड की कॉपी, टिकट की कॉपी, बैंक अकाउंट डिटेल की कॉपी (जिस अकाउंट में आप लॉटरी के इनाम की राशि चाहते हैं) ये सब। फिर क्लेम फॉर्म को वेंडर और डायरेक्ट जमा करके अपनी इनामी राशि क्लेम कर सकते हैं।
पंजाब स्टेट बंपर लॉटरी जीतने के बाद क्लेम के दो तरीके हैं, जो इनामी राशि पर निर्भर करता है। 10 हजार से ज्यादा की राशि जीतने पर नियम अलग हैं और उससे कम के जीतने पर नियम अलग हैं। पंजाब लॉटरी में 10 हजार से ज्यादा के इनाम जीतने पर, चंडीगढ़ में पंजाब राज्य लॉटरी निदेशालय में दस्तावेज जमा करके दावा किया जाता है।
पंजाब में भी भारत के अन्य हिस्सों की तरह लॉटरी पर टैक्स लगता है। 10 हजार से कम की राशि पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन 10 हजार से ऊपर की राशि पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है। लॉटरी पर टैक्स की राशि इनाम मिलने से पहले ही काट ली जाती है। टैक्स काटकर लॉटरी विजेता को बाकी की रकम उसके अकाउंट में या चेक के माध्यम से भुगतान कर दिया जाता है।
पंजाब लॉटरी में अब इनाम का दूसरा चरण आता है, जहां इनाम की राशि 10 हजार से कम होती है। इस इनामी राशि को प्राप्त करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है और यह राशि अधिकृत खुदरा विक्रेताओं या वितरकों के माध्यम से किया जा सकता है।