फरीदाबाद में बाईपास पर निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) का काम लगभग पूरा हो गया है। सिर्फ लोड टेस्टिंग का काम बचा है जो इसी महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसे शुरू करने की कवायद होगी।
हालांकि जिले की सीमा में इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य की डेडलाइन सितंबर थी, लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। लेकिन अब काम पूरा हो चुका है और इस महीने के अंत तक इस सेक्शन पर गाड़ियां फर्राटा भरने लगेंगी।
फरीदाबाद के लोग बल्लभगढ़ के कैल गांव से मंडकौला होते हुए एक्सप्रेसवे पर पहुंचने लगे हैं। हालांकि, अभी कैल से मंडकौला तक आधिकारिक तौर पर एक्सप्रेसवे लिंक रोड शुरू नहीं हुई है, लेकिन यहां वाहन चलने लगे हैं। इस हिस्से की लंबाई 25 किलोमीटर है।
यह एक्सप्रेस-वे 6 राज्यों से होकर गुजरेगा। इनमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। एक्सप्रेस-वे गुड़गांव से शुरू होगा और राजस्थान में जयपुर और सवाई माधोपुर, मध्य प्रदेश में रतलाम और गुजरात में वडोदरा से होकर मुंबई तक जाएगा। इस दौरान यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव होगा।
यह देश का सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे है। इसकी कुल लंबाई 1350 किलोमीटर है। इससे दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में आना-जाना संभव हो सकेगा। 12 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था।
इसकी अनुमानित लागत 1 लाख करोड़ रुपये है। यह देश का सबसे लंबा और व्यस्त एक्सप्रेस-वे होगा। इसकी लंबाई 1,350 किमी होगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई द्वारा तैयार किया जा रहा है और इसका रखरखाव भी एनएचएआई ही करेगी।