बताया जाता है कि भारत फोर्ज की सहायक कंपनी कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड की पुणे इकाई में कार्बाइन का उत्पादन किया जाएगा। यह अनुबंध दो हजार के दशक में सेना मे इंसास राइफल के शामिल होने के बाद भारत में डिजाइन, विकसित और निर्मित हथियार प्रणाली के लिए सबसे बड़ा है।
डीआरडीओ ने बताया कि 5.56x45 मिमी सीक्यूबी कार्बाइन को डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (एआरडीई) डीआरडीओ ने डिजाइन और विकसित किया है। साथ ही भारत फोर्ज लिमिटेड ने बनाया है। दोनों के प्रस्ताव को भारतीय सेना आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) में एल1 के रूप में चुना गया है।
सेना के लिए अभी कितने कार्बाइन खरीदे जाएंगे, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन रिपोर्टों में यह कहा जा रहा है कि यह ठेका करीब 2,000 करोड़ रुपए का हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह INSAS राइफलों के बाद सबसे बड़ा ऑर्डर बन जाएगा। अनुमान है कि भारतीय सेना इस टेंडर के तहत चार लाख से अधिक कार्बाइन खरीद सकती है।
यह क्लोज कॉम्बैट हथियार भारतीय सेना की लंबे समय से लंबित एक कॉम्पैक्ट और आधुनिक नजदीकी युद्ध में उपयोगी हथियार की आवश्यकता को पूरा करेगा। यह भारत फोर्ज की सहायक कंपनी कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स के लिए एक भरोसेमंद घरेलू रक्षा विनिर्माण भागीदार के रूप में उभरने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
KSS ने मार्च तिमाही के दौरान अपनी अधिकांश आय निर्यात के जरिए अर्जित की थी। भारत फोर्ज ने कहा है कि वह FY26 में अपने ऑर्डर बुक में 15-20% वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जिसमें घरेलू बाजारों के साथ-साथ निर्यात के लिए भी बहुत सारे अवसर हैं।