पवन कल्याण ने बताया कि राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपना वेतन लेने से इनकार किया है। उन्होंने अपने कार्यालय के लिए नया फर्नीचर सहित कोई भी विशेष भत्ता लेने से इनकार कर दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उनके कैंप कार्यालय के अधिकारियों ने उनसे कार्यालय के नवीनीकरण और नया फर्नीचर खरीदने के बारे में पूछा था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया।
एक बैठक में अधिकारियों ने डिप्टी सीएम से पूछा कि कैंप कार्यालय (नवीनीकरण) और मरम्मत के बारे में क्या किया जाए। इस पर पवन ने कहा, मैंने उनसे कहा कि कोई नया फर्नीचर मत खरीदो और अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद ही ले आऊंगा।
अभिनेता से राजनेता बने पवन कल्याण ने बताया कि सचिवालय के अधिकारी सदन में तीन दिन उपस्थित रहने के लिए 35,000 रुपये के उनके वेतन से संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर लेने आए थे, लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं वेतन नहीं ले सकता।
कल्याण ने दावा किया कि पंचायत राज विभाग के पास पर्याप्त धन का अभाव है, जिसके कारण उन्होंने वेतन लेने से मना किया। उप-मुख्यमंत्री कल्याण पंचायती राज विभाग के मंत्री हैं।
हाल में ही हुए आंध्र प्रदेश विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जन सेना पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पवन कल्याण की पार्टी जन सेना पार्टी ने एनडीए गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। गठबंधन में उनके हिस्से विधानसभा की 21 सीटें और 2 लोकसभा सीट आईं और सभी पर जीत हासिल की।