Vande Bharat: 6 साल में 7.5 करोड़ यात्री, 164 ट्रेनों का नेटवर्क;वंदे भारत ने कैसे बदल दी भारतीय रेलवे की तस्वीर

फरवरी 2019 में शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ने भारतीय रेल यात्रा को एक नया आयाम दिया है। पिछले छह सालों में 7.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने वंदे भारत ट्रेनों से यात्रा की है,जो इसकी लोकप्रियता और भरोसे का बड़ा प्रमाण है।

Reported by: भावना किशोरUpdated Dec 16 2025, 20:04 IST
वंदे भारत ने बदली भारतीय रेल की तस्वीर​Image Credit : Istock01 / 05

वंदे भारत ने बदली भारतीय रेल की तस्वीर​

भारतीय रेल की तस्वीर बदलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस आज सिर्फ एक ट्रेन नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की पहचान बन चुकी है। फरवरी 2019 में शुरू हुई इस स्वदेशी सेमी-हाईस्पीड ट्रेन ने बीते छह वर्षों में करोड़ों यात्रियों का भरोसा जीता है। साथ ही इसने देशभर में कनेक्टिविटी, पर्यटन और विकास की नई रफ्तार तय की है। इस बीच रेलवे ने वंदेभारत को भारतीय रेल के सफर का एक सुनहरा पत्थर बताया है। मंत्रालय ने कहा है कि इसने भारतीय रेलवे की तस्वीर ही बदल दी है।

छह साल में 7.5 करोड़ यात्री...164 ट्रेनें​Image Credit : Istock02 / 05

छह साल में 7.5 करोड़ यात्री...164 ट्रेनें​

रेलवे मंत्रालय ने जानकारी दी है कि फरवरी 2019 में शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ने भारतीय रेल यात्रा को एक नया आयाम दिया है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले छह सालों में 7.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने वंदे भारत ट्रेनों से यात्रा की है,जो इसकी लोकप्रियता और भरोसे का बड़ा प्रमाण है। रेलवे मंत्रालय ने यह भी बताया कि 2019 में वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत केवल एक ट्रेन सेवा से हुई थी,लेकिन आज यह नेटवर्क देशभर में फैलकर 164 आधुनिक ट्रेन सेवाओं तक पहुंच चुका है। ये ट्रेनें वर्तमान में भारत के 274 जिलों को जोड़ रही हैं,जिससे यात्रियों को तेज़,सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल रहा है,साथ ही क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

​मेक इन इंडिया की नई पहचानImage Credit : Istock03 / 05

​मेक इन इंडिया की नई पहचान

मेक इन इंडिया पहल के तहत तैयार की गई वंदे भारत ट्रेनें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें ऑटोमैटिक प्लग डोर्स, रोटेटिंग सीट्स, बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, GPS आधारित पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और फुल CCTV कवरेज शामिल है, जो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देता है।धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ती है वंदे भारतरेलवे मंत्रालय ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस देश के धार्मिक,सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। दिल्ली-वाराणसी रूट ने राजधानी को देश की आध्यात्मिक नगरी से जोड़कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ा लाभ दिया है। वहीं श्रीनगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा रूट,जिसका उद्घाटन 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति दे रहा है। इसके अलावा,बेंगलुरु-हैदराबाद वंदे भारत आईटी पेशेवरों और बिज़नेस यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है, क्योंकि यह देश के दो प्रमुख टेक्नोलॉजी हब्स के बीच तेज़ और सुविधाजनक कनेक्टिविटी प्रदान करती है।

पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प​Image Credit : Istock04 / 05

पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प​

रेलवे मंत्रालय के अनुसार, वंदे भारत ट्रेनों से हर महीने लाखों यात्री सफर कर रहे हैं। ये ट्रेनें जहां बिज़नेस यात्रियों की उत्पादकता बढ़ा रही हैं,वहीं परिवारों के लिए आरामदायक और तीर्थयात्रियों के लिए सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित कर रही हैं। साथ ही, सड़क और हवाई यात्रा की तुलना में ये ट्रेनें कम कार्बन उत्सर्जन के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही हैं।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बदल देगी भविष्य की तस्वीरImage Credit : Istock05 / 05

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बदल देगी भविष्य की तस्वीर

यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि देश में विश्वस्तरीय रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में वंदे भारत एक्सप्रेस,अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो भारत रैपिड रेल जैसी आधुनिक ट्रेन सेवाएं लगातार लोकप्रिय हो रही हैं। आने वाले समय में प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्राओं को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। रेलवे मंत्रालय का कहना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस आत्मनिर्भर भारत की सोच का सशक्त प्रतीक है, जो देश को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक रेल नेटवर्क की ओर आगे बढ़ा रही है।

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