महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का विस्तार करने की योजना बना रहा है। इस योजना की लागत लगभग ₹14,000 करोड़ आंकी गई है। प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट को भेजा जाएगा।
मुंबई और पुणे, महाराष्ट्र के दो बड़े आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र हैं। इन्हें जोड़ने वाला 94.5 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे वर्षों से अत्यधिक ट्रैफिक और जाम का सामना कर रहा है, खासकर वीकेंड, छुट्टियों और सुबह-शाम के समय में।
अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे के दोनों ओर दो-दो अतिरिक्त लेन जोड़कर इसे 10-लेन के एक्सप्रेसवे में बदलने की योजना बनाई है। इससे ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा, यात्रा का समय घटेगा और ब्रेकिंग व लेन बदलने से होने वाले हादसों में कमी आएगी।
पहले सर्वे में अतिरिक्त लेनों की आवश्यकता की पुष्टि हुई है। दूसरा सर्वे अब भूमि अधिग्रहण की जरूरतें और तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देने के लिए जारी है।
चौड़ा किए जाने वाले एक्सप्रेसवे में उन्नत सुरक्षा उपाय और आपातकालीन सेवाएं भी होंगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा में सुधार होगा। ओवरटेकिंग आसान होगी और ट्रैफिक जाम कम होंगे।
बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा, जिससे महाराष्ट्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
यह परियोजना हजारों दैनिक यात्रियों, लॉजिस्टिक ऑपरेटरों और वीकेंड ट्रैवलर्स के लिए राहत लेकर आएगी। यात्रा न सिर्फ तेज और कुशल होगी, बल्कि अधिक सुरक्षित भी बनेगी।
यह परियोजना आगामी वर्षों में कई चरणों में पूरी होगी। एकमात्र चिंता यह है कि इस विकास के कारण टोल शुल्क में वृद्धि न की जाए।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कई टनलें हैं और जिन पहाड़ी इलाकों से यह एक्सप्रेसवे गुजरता है, वह बहुत ही खूबसूरत है। यहां की सुंदरता मन मोह लेती है।