भगवान शंकर की बहुत सी अच्छाइयों में एक ये भी थी कि वह बहुत अच्छे जीवनसाथी थे। देवी पार्वती संग उनकी जोड़ी आज अटूट प्रेम और खुशहाल वैवाहिक जीवन का प्रतीक है। अगर आप भी अच्छे पति बनना चाहते हैं तो भगवान शंकर की ये बातें जरूर सीख लें:
शिव पार्वती को कभी बांधने या नियंत्रित करने की कोशिश नहीं करते। एक अच्छा पति पत्नी को अपनी बराबर साथी मानता है। उनसे विमर्श करता है और उनकी राय सुनता है।
शिव का रौद्र रूप बहुत भयंकर है, लेकिन पार्वती के सामने वे हमेशा शांत और संयमित रहते हैं। पार्वती उनकी क्रोध को शांत करती हैं। पति को सीखना चाहिए कि गुस्से में भी पत्नी से अपशब्द न कहें। क्रोध में लिया फैसला रिश्ते को नुकसान पहुंचाता है।
शिव पार्वती की हर छोटी-बड़ी भावना को समझते हैं। जब पार्वती तपस्या करती हैं तो शिव उनकी प्रतीक्षा करते हैं। पति को पत्नी की भावनाओं, तनाव और खुशी को सबसे पहले समझना चाहिए।
शिव ने पार्वती को पाने के लिए अपना वैराग्य छोड़ा नहीं, लेकिन पार्वती के साथ रहकर सृष्टि की जिम्मेदारी निभाई। रिश्ते में छोटे-छोटे त्याग और समझौते जरूरी हैं। पत्नी की खुशी के लिए अपनी कुछ आदतें बदलना या समय निकालना, यह शिव का सबसे बड़ा सबक है।
शिव और पार्वती को अर्धनारीश्वर के रूप में पूजा जाता है – आधे शिव, आधी पार्वती। यह बताता है कि पति-पत्नी एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। अच्छा पति पत्नी को अपनी आधी आत्मा मानता है, न कि सिर्फ साथी।
भगवान शिव और मां पार्वती का रिश्ता हिंदू धर्म में सबसे आदर्श पति-पत्नी का प्रतीक माना जाता है। शिव-पार्वती का वैवाहिक जीवन सादगी, समर्पण, समझ, त्याग और पूर्ण प्रेम से भरा हुआ है। एक अच्छा पति बनने के लिए शिवजी के जीवन और स्वभाव से जुड़े ये गहरे सबक अपनाए जा सकते हैं।