लगभग सभी दाल हम लोग कूकर में सीटी देकर बनाते हैं। हालांकि कूकर में दाल पकाते समय दाल का प्रकार, छिलका और भिगोने का समय बहुत फर्क डालता है। आपको दाल के प्रकार के अनुसार से कूकर की सीटी का अंदाजा लगाना होगा। सीटी की सही गिनती से दाल न ज्यादा गलेगी, न कच्ची रहेगी।
अरहर की दाल को धुलकर 15 मिनट के लिए भिगा दें। इसके बाद कूकर में पकाते समय 3–4 सीटी दें। इसका अंदाजन समय 10 से 12 मिनट का रहेगा। इस दाल को बनाते समय पानी का अनुपात 1:3 का रखें और मध्यम आंच पर पकाएं।
धुली मूंग की दाल दो सीटी में तैयार हो जाएगी। इसके लिए 6–8 मिनट का समय लगेगा। वहीं साबुत मूंग की दाल 20 मिनट के लिए भिगा देंगे तो मध्यम आंच की 3–4 सीटी में दाल अच्छे से गल जाएगी। लेकिन ध्यान रखें कि यह हल्की दाल है, ज्यादा सीटी लगाने से पेस्ट बन सकती है।
धुली मसूर को एक से दो सीटी में आप तैयार कर सकते हैं। इसके लिए 5–7 मिनट का समय चाहिए होगा। वहीं साबुत मसूर की दाल को 3 सीटी चाहिए होगी। इसके लिए 10 मिनट का समय लगेगा। नोट करें कि यह जल्दी पकने वाली दाल है और इसे भिगोने की जरूरत नहीं है।
इस दाल को ध्यान से बनाना है। कूकर में पकाते समय इसके लिए 4–5 सीटी लगेंगी। अंदाजन समय 15–18 मिनट का रहेगा। चने की दाल को 30 मिनट से 1 घंटा भिगोना जरूरी है। एक चुटकी हल्दी और तेल डालेंगे तो इससे दाल अच्छी खिलेगी।
धुली उड़द को बनाने के लिए आपको 3–4 सीटी लगानी होंगी। इसके लिए 12 मिनट का समय लगेगा। वहीं साबुत उड़द को बनाने में 5–6 सीटी लगानी होंगी। इसके लिए अंदाजन टाइम 20–25 मिनट का रहेगा। दाल अच्छी बने इसके लिए रातभर भिगोना सबसे बेहतर रहेगा। अगर गाढ़ी, मलाईदार दाल चाहिए तो धीमी आंच रखकर दाल को पकाएं।
अच्छी दाल बनानी है तो पहली सीटी आने के बाद आंच धीमी कर दें। जब गैस बंद करें तो नेचुरल प्रेशर रिलीज होने दें। एकदम से भाप निकाल देंगे तो फिर दाल अच्छी तरह नहीं पकेगी। दाल में नमक हमेशा पकने के बाद ही डालें। नोट करें कि पुरानी दाल में एक अतिरिक्त सीटी की जरूरत हो सकती है।