Hindi Diwas 2025 Quotes: 'हिंदी से सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है..', गांधी और बोस जैसी शख्सयितों के हिंदी पर विचार

Hindi Diwas 2025(हिंदी दिवस):भारत में हिंदी महज एक भाषा भर नहीं है। यह इस देश की आत्मा और संस्कृति की अभिव्यक्ति है। यह देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली यह भाषा हमें एक सूत्र में बांधती है। 1949 में हिंदी को भारत की राजभाषा का दर्जा मिला। इसके बाद से यह प्रशासन, शिक्षा, साहित्य और मीडिया में लगातार मजबूत होती गई।

Authored by: सुनीत सिंहUpdated Sep 13 2025, 08:38 IST
हिंदी भाषा पर महान लोगों के विचारImage Credit : IStock01 / 07

हिंदी भाषा पर महान लोगों के विचार

Hindi Diwas 2025 (हिंदी दिवस): देश की राजभाषा हिंदी के सम्मान में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी को लेकर महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, सुभाष चंद्र बोस जैसे तमाम महान शख्सियतों ने काफी कुछ कहा है। आइए पढ़ें इन शख्सियतों के हिंदी पर विचार:

​स्‍वामी दयानंद सरस्‍वती​Image Credit : IStock02 / 07

​स्‍वामी दयानंद सरस्‍वती​

हिंदी द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है।

​लाल बहादुर शास्‍त्री​Image Credit : IStock03 / 07

​लाल बहादुर शास्‍त्री​

हिंदी पढ़ना और पढ़ाना हमारा कर्तव्‍य है। उसे हम सबको अपनाना है।

​डा राजेंद्र प्रसाद​Image Credit : IStock04 / 07

​डा राजेंद्र प्रसाद​

जिस देश को अपनी भाषा और साहित्‍य के गर्व का अनुभव नहीं है, वह उन्‍नत नहीं हो सकता।

​सुभाष चंद्र बोस​Image Credit : IStock05 / 07

​सुभाष चंद्र बोस​

देश के सबसे बड़े भूभाग में बोली जाने वाली हिंदी राष्‍ट्रभाषा-पद की अधिकारिणी है।

​महात्‍मा गांधी​Image Credit : IStock06 / 07

​महात्‍मा गांधी​

हृदय की कोई भाषा नहीं है। हृदय-हृदय से बातचीत करता है। और हिंदी हृदय की भाषा है।

​आचार्य विनोबा भावे​Image Credit : IStock07 / 07

​आचार्य विनोबा भावे​

मैं दुनिया की सभी भाषाओं की इज्‍जत करता हूं, पर मेरे देश में हिंदी की इज्‍जत न हो, ये मैं सह नहीं सकता।

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