हर धागे में कुर्बानी बसी है, इसी में भारत की शान है। कपड़े का टुकड़ा नहीं तिरंगा मेरा, ये तो बलिदानों की पहचान है।
जहां तिरंगा लहराता है शान से, वहां हर दिल धड़कता है मान से। ये झंडा नहीं, हमारी सांस है, जो जोड़ता है हमें हिंदुस्तान से।
प्यार, सम्मान और एकता से, ये देश और भी आगे जाएगा, नफरत की दीवारें गिराकर देखो, भारत खुद-ब-खुद मुस्कुराएगा। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।