सुबह-सुबह उगते सूरज की पहली किरण को नमन,उषा अर्घ्य का पावन पल, सबका मन हो विभोर।छठ मैया की कृपा से घर-आँगन खुशियाँ भर जाए,हर अरदास स्वीकार हो, डूबे संकट दूर जाए।
उगते सूर्य को अर्घ्य दे, मन की पवित्रता लेकर,छठ माता का आशीर्वाद, जीवन में फैले खुशियाँ भर।सुबह की लालिमा में डूबा, संग साजन का साथ,हर दुख दूर हो, हर घर में बरसे माँ का प्यार।
नदी किनारे खड़े होकर, दिया अर्घ्य का जल,उषा की बेला में छठी माता का हुआ स्वागत।सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, मिले सभी को यहीं,छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ, मन की हर इच्छा पूरी हो यहीं
सात घोड़ों के रथ पर सवार,सूर्य देव आएं आपके द्वार।किरणों से भर दें आपका घर-संसार,ऊषा अर्घ्य की हार्दिक शुभकामनाएं।
पारण के साथ पूर्ण हो आपका व्रत,परिवार में बना रहे सुख-समृद्धि का शाश्वत संबंध।जय सूर्य देव, जय छठी मैया!
पूर्व दिशा में उगता सूरज, लाता है खुशियाँ अपार,उषा अर्घ्य का यह पल, सबके लिए लाये उपहार।छठ मैया की कृपा से, सबका हो कल्याण,हर मनोकामना पूरी हो, यही हमारी शुभकामना
अरुणोदय की लाली में, डूबा संसार सारा,उषा अर्घ्य की महिमा, मन को कर दे प्यारा।छठ मैया की कृपा से, हर गम हो दूर,हर घर में बसे खुशहाली, हर दिल में चमके नूर