आम पर 10 मशहूर शेर: असर ये तेरे अन्फ़ास-ए-मसीहाई का है 'अकबर', इलाहाबाद से लंगड़ा चला लाहौर तक पहुंचा

आम पर शायरी (Mango Shayari): आम और आम की मिठास पर काफी कुछ लिखा और कहा गया है। अगर सभी का संकलन किया जाए तो को ग्रंथ बन जाएगी। फिलहाल यहां हम बात करेंगे आम पर लिखे शेरों की। देश दुनिया के कई मशहूर कलमकारों ने आम पर एक से बढ़कर एक बढ़िया शायरियां लिखी हैं। आइए पढ़ते हैं आम पर लिखे 10 मशहूर शेर:

Authored by: सुनीत सिंहUpdated Jun 18 2025, 16:48 IST
आम तेरी ये ख़ुश-नसीबी है, वर्ना लंगड़ों पे कौन मरता है​Image Credit : Freepik01 / 10

आम तेरी ये ख़ुश-नसीबी है, वर्ना लंगड़ों पे कौन मरता है​

​- साग़र ख़य्यामी​

जिस खास के लिए आप खास नहीं,​उसे आम कीजिये, किस्सा तमाम कीजिए..!​Image Credit : Freepik02 / 10

जिस खास के लिए आप खास नहीं,​उसे आम कीजिये, किस्सा तमाम कीजिए..!​

​- खाल‍िद​

उन से हम रक्खें ज़ियादा रब्त क्यूं, शौक़ जो रखते हैं कम कम आम का​​Image Credit : Freepik03 / 10

उन से हम रक्खें ज़ियादा रब्त क्यूं, शौक़ जो रखते हैं कम कम आम का​​

​- शाहीन इकबाल असर​

जरा ठहर जा ए जिंदगी,​आम अभी पक रहा है, मिठास की तलाश में​​Image Credit : Freepik04 / 10

जरा ठहर जा ए जिंदगी,​आम अभी पक रहा है, मिठास की तलाश में​​

​- अज्ञात​

हो रहा है ज़िक्र पैहम आम का, आ रहा है फिर से मौसम आम का​​Image Credit : Freepik05 / 10

हो रहा है ज़िक्र पैहम आम का, आ रहा है फिर से मौसम आम का​​

​- शाहीन इकबाल असर​

असर ये तेरे अन्फ़ास-ए-मसीहाई का है 'अकबर', इलाहाबाद से लंगड़ा चला लाहौर तक पहुंचा​Image Credit : Freepik06 / 10

असर ये तेरे अन्फ़ास-ए-मसीहाई का है 'अकबर', इलाहाबाद से लंगड़ा चला लाहौर तक पहुंचा​

​- अकबर इलाहाबादी​

नायाब आम लुत्फ़ हुए रंग रंग के, कोई है ज़र्द कोई हरा कुछ हैं लाल लाल​​Image Credit : Freepik07 / 10

नायाब आम लुत्फ़ हुए रंग रंग के, कोई है ज़र्द कोई हरा कुछ हैं लाल लाल​​

- जलील मानिकपुरी

मौसम तुम्हारे साथ का जाने किधर गया, तुम आए और बौर न आया दरख़्त पर​​Image Credit : Freepik08 / 10

मौसम तुम्हारे साथ का जाने किधर गया, तुम आए और बौर न आया दरख़्त पर​​

​- अब्बास ताबिश​

मिरा जज़्बा-ए-शौक़ काम आ रहा है,कि बाज़ार में देखूं आम आ रहा है​​Image Credit : Freepik09 / 10

मिरा जज़्बा-ए-शौक़ काम आ रहा है,कि बाज़ार में देखूं आम आ रहा है​​

​​ - शाहीन इकबाल असर​​

नामा न कोई यार का पैग़ाम भेजिए, इस फ़स्ल में जो भेजिए बस आम भेजिए​​Image Credit : Freepik10 / 10

नामा न कोई यार का पैग़ाम भेजिए, इस फ़स्ल में जो भेजिए बस आम भेजिए​​

​- अकबर इलाहाबादी​

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