देश के 9 शहर जिन्होंने सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय उच्चारण के अनुसार नाम बदला

पिछले कुछ दशकों में भारत के कई शहरों ने नाम बदल गए। जिनमें हाल ही में बदले गए प्रयागराज और गुरुग्राम के साथ ही 90 के दशक में बदले गए मुंबई, चेन्नई भी हैं। क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर नाम बदले गए। चलिए जानते हैं और कौन-कौन से शहर हैं जिनके नाम बदले गए और उसके पीछे क्या कारण था।

Slideshow/s by: दिगपाल सिंहUpdated May 27 2025, 12:10 IST
पुडुच्चेरी01 / 09

पुडुच्चेरी

एक समय पोंडिचेरी नाम से मशहूर इस क्षेत्र का नाम 2006 में बदलकर पुडुच्चेरी कर दिया गया। इसका मतलब नया गांव होता है, यह नाम क्षेत्र की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। यह हिस्सा फ्रेंच उपनिवेश रहा है और पोंडिचेरी नाम में उनकी झलक दिखती थी।

चेन्नई02 / 09

चेन्नई

तमिलनाडु की राजधानी को 1996 तक मद्रास नाम से जाना जाता था। नया नाम तमिल नाम चेन्नापट्टिनम से निकला है, जो स्थानीय सरदार दमारला चेनप्पा नायक से जुड़ा है। जिन्होंने क्षेत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

प्रयागराज03 / 09

प्रयागराज

इलाहाबाद का नाम बदलकर साल 2018 में प्रयागराज कर दिया गया। गंगा-यमुना और सरस्वती नदी के संगम पर बसा यह शहर तीर्थराज कहलाता है। मुगलकाल में इस शहर का नाम इलाहाबाद किया गया था, जबकि पूर्व में इसे प्रयाग कहा जाता था।

तिरुवनंतपुरम04 / 09

तिरुवनंतपुरम

त्रिवेंद्रम का नाम बदलकर 1991 में तिरुवनंतपुरम किया गया, जिसका मतलब होता भगवान अनंत का शहर होता है, जो श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से जुड़ा है। स्थानीय लोगों की मांग थी कि शहर को वापस मलयालम नाम दिया जाए, जबकि त्रिवेंद्रम ब्रिटिश उपनिवेश की निशानी था।

मुंबई05 / 09

मुंबई

पूर्व में बॉम्बे या बम्बई कहलाने वाले इस शहर का नाम 1995 में मुंबई कर दिया गया। इसके लिए शिवसेना के नेतृत्व में बड़ा राजनीतिक आंदोलन चलाया गया। मुंबई शब्द यहां शहर में मुम्बा देवी के मंदिर से आया है। जिसमें आई (मां) जुड़कर मुंबई बना है।

कोलकाता06 / 09

कोलकाता

पश्चिम बंगाल की राजधानी का नाम 2001 से पहले कलकत्ता (Calcutta) था। कोलकाता शब्द बंगाली उच्चारण कोलिकाता से निकला है, जिस नाम से यहां पहले एक गांव होता था। बंगाली लोग हमेशा से शहर को कोलकाता नाम से ही पुकारते रहे हैं।

बेंगलुरू07 / 09

बेंगलुरू

बैंगलोर का नाम 2006 में बदला गया और 2014 में आधिकारिक तौर पर इसे अमल में लाकर बेंगलुरू कर दिया गया। इस नाम का संबंध स्थानीय किवदंती बेंडा-कालु-उरू (उबले हुए बीन्स का गांव) से है, जो इस नाम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।

कोच्चि08 / 09

कोच्चि

शहर का नाम 1996 में कोचीन से बदलकर कोच्चि कर दिया गया। मलयाली भाषा के उच्चारण के साथ जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए शहर का नाम कोच्चि किया गया। पूर्व कोचीन औपनिवेशिक काल का नाम था।

गुरुग्राम09 / 09

गुरुग्राम

NCR के प्रमुख शहर गुड़गांव का नाम बदलकर साल 2016 में गुरुग्राम कर दिया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि महाभारत काल में इस जगह का संबंध कुरुवंश के राजकुमारों के गुरु द्रोणाचार्य से था।

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