लंबे समय तक कम और सात्विक खाना खाने के बाद जब आप एकदम से पूड़ी, कचौड़ी या ज्यादा तेल-मसाले वाली चीजें खाते हैं, तो पाचन तंत्र पर अचानक दबाव पड़ता है। इससे पेट में ऐंठन और ब्लोटिंग हो सकती है। इसलिए व्रत तोड़ने के बाद शुरुआत में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही चुनें।
उपवास के बाद शरीर को दोबारा पूरी तरह से हाइड्रेट करना बहुत जरूरी होता है। अपने दिन की शुरुआत गुनगुने पानी, नींबू पानी, नारियल पानी या पतली छाछ से करें। ये आपके शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं और पाचन तंत्र को सक्रिय करते हैं।
व्रत खोलने के बाद पहले एकाध दिन अपने आहार में ताजे मौसमी फल जैसे सेब, पपीता और अनार शामिल करें। इसके अलावा उबली हुई या भाप में पकी सब्जियां, जैसे लौकी, तोरई और कद्दू खाएं। इनमें भरपूर फाइबर और पानी होता है जो आंतों के लिए बेहद फायदेमंद है।
सीधे भारी अनाज या मैदे से बनी चीजें खाने के बजाय मूंग दाल की पतली खिचड़ी, दलिया या ओट्स का सेवन करें। यह शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए तुरंत ऊर्जा देने का काम करती है।
आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को दोबारा सक्रिय करने के लिए ताजा दही या छाछ का सेवन बहुत जरूरी है। दोपहर के खाने में एक कटोरी दही जरूर लें।
उपवास के तुरंत बाद ज्यादा चीनी वाली चीजें खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। अगर मीठा खाने का मन हो तो खजूर, मुनक्का या घर की बनी कम चीनी वाली खीर खाएं।
व्रत खत्म होने के बाद 2 से 3 दिनों तक इस संतुलित डाइट चार्ट का पालन करके आप उपवास के असली स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं और कई तरह की पेट संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं।