हाल ही में रिलीज हुई फिल्म सैय्यारा' फिल्म की 'वाणी' की कहानी ने इस सवाल को चर्चा में ला दिया है, कि क्या कम उम्र में भी अल्जाइमर हो सकता है? फिल्म में 'वाणी' को सिर्फ 22 साल की उम्र में अल्जाइमर हो जाता है। फिल्म देखकर बहुत से लोगों को हैरानी हो रही है, क्योंकि अल्जाइमर को तो बुजुर्गों की बीमारी माना जाता है। लेकिन क्या वाकई इतनी कम उम्र में ये बीमारी हो सकती है? आइए इसे समझते हैं.... (फोटो: IG/Aneet Padda)
अल्जाइमर एक दिमागी बीमारी है, जिसमें इंसान धीरे-धीरे चीजें भूलने लगता है। शुरू में छोटी-छोटी बातें याद नहीं रहतीं, फिर नाम, रिश्ते और यहां तक कि खुद की पहचान भी भूलने लगते हैं। ये दिमाग की नर्व्स को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है। (फोटो: IG/Aneet Padda)
ये बहुत ही रेयर यानी दुर्लभ होता है, लेकिन पूरी तरह नामुमकिन नहीं। इस स्थिति को अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर (Early Onset Alzheimer’s) कहा जाता है। कुछ केसों में यह 20 से 30 साल के बीच भी देखा गया है, खासतौर पर तब जब परिवार में पहले से ये बीमारी हो। (फोटो: IG/Aneet Padda)
कम उम्र में अल्जाइमर होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जैसे जेनेटिक म्यूटेशन यानी परिवार से जुड़ी बीमारी, दिमाग पर गहरी चोट, स्ट्रेस, नींद की कमी, या नशे की आदतें। लाइफस्टाइल भी आजकल इतनी स्ट्रेसफुल हो गई है कि दिमाग जल्दी थकने लगा है। (फोटो: IG/Aneet Padda)
'सैय्यारा' की वाणी की कहानी फिल्म जरूर है, लेकिन इसके जरिए एक अहम बात सामने आती है कि आज के दौर में दिमागी बीमारियां उम्र नहीं देखतीं। अनीत पद्दा ने इस रोल के जरिए इस गंभीर मुद्दे को सबके सामने लाने का काम किया है। (फोटो: IG/Aneet Padda)
अगर किसी को बातें बार-बार भूलने लगें, मूड बार-बार बदलने लगे, कोई भी फैसला लेने में दिक्कत हो, या रोजमर्रा की चीजें भी समझ में न आएं तो अल्जाइमर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। (फोटो: IG/Aneet Padda)
अब वक्त आ गया है कि हम ये मानें कि अल्जाइमर सिर्फ बुढ़ापे की बीमारी नहीं है। अगर लाइफस्टाइल ठीक न हो, तनाव ज्यादा हो, तो ये बीमारी कम उम्र में भी आ सकती है। इसलिए अपने दिमाग का ध्यान रखें, समय पर नींद लें, और जरूरत हो तो हेल्थ चेकअप जरूर कराएं। (फोटो: IG/Aneet Padda)