जब दो ग्रह एक-दूसरे की राशि में होते हैं तो 'राशि परिवर्तन योग' बनता है। 'राशि परिवर्तन योग' का शुभ के साथ-साथ अशुभ प्रभाव भी राशियों के ऊपर देखने को मिलता है। द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस समय सूर्य-चंद्र गोचर से 'राशि परिवर्तन योग' बना हुआ है, जिसका अशुभ प्रभाव आज रात तक कुछ राशियों के जीवन पर पड़ेगा। आज यहां पर आप 'राशि परिवर्तन योग' के बनने के समय से लेकर राशियों पर पड़ने वाले इसके अशुभ प्रभाव के बारे में जान पाएंगे।
ग्रहों के राजा सूर्य ने 16 जुलाई 2026 की देर रात 11 बजकर 44 मिनट पर कर्क राशि में गोचर किया है, जहां पर वह 17 अगस्त तक रहने वाले हैं। वहीं, आज 18 जुलाई की रात 11 बजकर 58 मिनट पर चंद्रमा यानी चंद्र ग्रह सिंह राशि में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को जहां सिंह राशि का स्वामी माना जाता है, वहीं सूर्य कर्क राशि के स्वामी हैं यानी इस समय सूर्य-चंद्रमा एक-दूसरे की राशि में हैं, जिससे 'राशि परिवर्तन योग' बन रहा है। हालांकि, आज देर रात 'राशि परिवर्तन योग' खत्म हो जाएगा।
'राशि परिवर्तन योग' का बनना मेष राशि वालों के लिए शुभ नहीं रहा है। आज रात तक आप कोई भी बड़ा कारोबारी सौदा न करें, नहीं तो आपको तगड़ा नुकसान हो सकता है। साथ ही लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें।
शनिदेव की राशि कुंभ के जातकों के लिए आज रात तक का समय अच्छा नहीं रहेगा क्योंकि इनके जीवन पर 'राशि परिवर्तन योग' का अशुभ प्रभाव पड़ रहा है। यदि आपने किसी के कहने पर कोई फैसला लिया तो आप मुश्किल में फंस सकते हैं। साथ ही आपको धन की कमी के कारण मानसिक तनाव रहने वाला है।
'राशि परिवर्तन योग' का बनना मेष और कुंभ के साथ-साथ मीन राशि वालों के लिए भी शुभ नहीं रहा है। जल्दबाजी में लिए छोटे से छोटे फैसले भी आपको नुकसान पहुंचाएंगे। साथ ही धन की कमी का सामना आप करेंगे। सेहत की बात करें तो उसे लेकर भी आप चिंता मुक्त नहीं रहने वाले हैं।
'राशि परिवर्तन योग' के दौरान सूर्य और चंद्र देव की पूजा करना आपके लिए शुभ रहेगा। साथ ही पीले या लाल रंग की चीजों का दान करें और अपने माता-पिता की सेवा करें। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें समर्पित मंत्रों व चालीसा का पाठ करें।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।