अंग्रेजी भाषा में कई ऐसे शब्द हैं, जिनमें कुछ अक्षर लिखे तो जाते हैं, लेकिन बोले नहीं जाते। ऐसे ही शब्दों में से एक है Psychology, जिसमें ‘P’ साइलेंट रहता है। अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं। (image - chatgpt)
Psychology शब्द ग्रीक भाषा से आया है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है:Psyche (जिसका मतलब है आत्मा या मन)Logos (जिसका मतलब है अध्ययन या ज्ञान)ये शब्द ग्रीक भाषा से लैटिन भाषा में गए और फिर लैटिन से अंग्रेजी भाषा में शामिल किए गए।
ग्रीक भाषा में ‘Psyche’ शब्द का उच्चारण “पीसाइकी” जैसा होता था, जिसमें ‘P’ की ध्वनि बहुत हल्की या लगभग न के बराबर होती थी। इसी तरह ग्रीक भाषा में Pneumonia भी था, जिसे 'पीनियोमोनिया' पढ़ा जाता था, लेकिन अंग्रेजी में इसमें से ‘P’ को साइलेंट करके निमोनिया कर दिया गया।
जब ग्रीक शब्द अंग्रेजी में आए, तो उनकी स्पेलिंग तो वही रखी गई, लेकिन उच्चारण आसान करने के लिए उस अक्षर को साइलेंट कर दिया गया, जिनकी वजह से उच्चारा में दिक्कत हो रही थी या हो सकती थी। ‘P’ लगाकर इस शब्द को पढ़ना कठिन था, ऐसे में उच्चारण आसान बनाने के लिए ऐसा किया गया।
“Psychology” बोलते समय सीधे “साइकोलॉजी” कहा जाता है, इसमें ‘P’ नहीं बोला जाता। ऐसा करने से शब्द का मूल अस्तित्व भी बना रहा और बोलने में आसानी भी हैा
बहुत कम लोग ये बात जानते होंगे कि ‘P’ अक्षर न हटाने का एक कारण ये भी था कि दुनिया को पता रहे कि Psychology, Psychiatry या Psycho जैसे शब्द ग्रीक से आए हैं।
Psychology के अलावा कई शब्द ऐसे हैं, जिनमें ‘P’ साइलेंट होता है, जैसे: Psychiatry,Psycho, इन सभी में “ps” से शुरुआत होती है और ‘P’ का उच्चारण नहीं किया जाता।