रंग बदलने वाली इस रहस्यमयी झील का नाम पैंगोंग त्सो (Pangong Tso) है, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में स्थित है। लद्दाख के चांगथांग इलाके में स्थित यह खारे पानी की झील अपनी इसी अनोखी खूबी के कारण पूरी दुनिया जानी जाती है।
इस झील की सबसे बड़ी खासियत इसका पल-पल रंग बदलना है। स्थानीय लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों के मुताबिक, यह झील सुबह की पहली किरण से लेकर शाम के ढलने तक पांच अलग-अलग रंगों में नजर आती है। कभी यह बिल्कुल नीली दिखती है, तो कभी इसका रंग हरा, लाल, आसमानी और गहरा भूरा हो जाता है।
विज्ञान की नजर से देखें तो झील का रंग बदलना कोई जादुई चमत्कार नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक क्रिया है। दरअसल, पैंगोंग त्सो एक अत्यधिक खारे पानी की झील है। इसके पानी में खास तरह के खनिज और सूक्ष्म जीव पाए जाते हैं। जब दिन के अलग-अलग समय पर सूरज की किरणें अलग-अलग एंगल्स से पानी पर पड़ती हैं, तो लाइट के रिफ्लेकशन के कारण पानी का रंग बदला हुआ दिखाई देता है।
सूरज की रोशनी के अलावा लद्दाख का तेजी से बदलता मौसम और तापमान भी इस झील के रंग को प्रभावित करता है। हवा की गति और आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ ही झील के पानी की रंगत बदल जाता है। ठंड के दिनों में जब तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, तब इसका नजारा और भी अद्भुत हो जाता है।
पैंगोंग त्सो झील सिर्फ अपने रंग बदलने के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी जैव विविधता के लिए भी जानी जाती है। इस झील के आसपास दुनिया के सबसे दुर्लभ पक्षियों में शामिल 'ब्लैक-नेक्ड क्रेन' पाए जाते हैं। इसके अलावा तिब्बती जंगली गधे भी इस इलाके में अक्सर घूमते हुए देखे जा सकते हैं।
लद्दाख आने वाले घुमक्कड़ों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच स्थित यह शांत झील फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए सबसे बेहतरीन स्पॉट है। यहां बैठकर समय के साथ झील के बदलते रंगों को कैमरे में कैद करना एक बेहद रोमांचक अनुभव होता है।
खूबसूरत होने के साथ-साथ यह झील पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की 'रामसर साइट' में भी शामिल किया गया है। बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग के कारण इस खूबसूरत झील के अस्तित्व को कोई खतरा न पहुंचे, इसके लिए अब इसके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।