Strait of Hormuz की सीमा कितने देशों से लगती है, जानें कितना दूर है भारत

दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग माना जाता है। इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक स्तर पर तेल संकट और कीमतों में उछाल का कारण बन सकती है। भौगोलिक दृष्टि से यह मार्ग भले ही बहुत संकरा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में इसका स्थान सबसे महत्वपूर्ण है। और यही कारण है कि यह अक्सर सुर्खियों में रहता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सीमा किन देशों से लगती है। आइए जानते हैं-

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated Apr 13 2026, 16:20 IST
स्ट्रेट ऑफ होर्मुजImage Credit : Canva01 / 08

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

​ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दुनिया की तेल और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए यह जलमार्ग सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है, जो इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा बनाता है। यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं या प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो करेंट अफेयर्स और सामान्य ज्ञान की दृष्टि से इसके भौगोलिक और रणनीतिक महत्व को समझना जरूरी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सीमा किन देशों से मिलती है और यह विश्व के लिए इतना खास क्यों है।​

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है?​Image Credit : Canva02 / 08

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है?​

​विश्व के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह फारस की खाड़ी और अरब सागर के खुले समुद्र से जुड़ने का एकमात्र मार्ग है। इसी स्थान से प्राकृतिक गैस, तेल व अन्य कई चीजों का परिवहन होता होता। यह विश्व के लिए ऊर्जा के एक महत्वपूर्ण स्रोत है।​

क्यों राष्ट्रों के बीच संघर्ष में फंसा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज Image Credit : Canva03 / 08

क्यों राष्ट्रों के बीच संघर्ष में फंसा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

​बता दें कि ईरान से निकटता के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का केंद्र बन जाता है, ठीक वैसे ही जैसे अभी बना हुआ है। इसके स्थान पर यातायात में बाधा होने पर विश्व के अधिकांश देशों में तेल की कीमतों पर असर देखने को मिलता है।​

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किन देशों के साथ सीमा साझा करता है?Image Credit : Canva04 / 08

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किन देशों के साथ सीमा साझा करता है?

​स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दो देशों के साथ सीमा साझा करता है। एक है ईरान (उत्तरी तट) और दूसरा है ओमान (दक्षिणी तट)।​

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की चौड़ाई कितनी है?Image Credit : Canva05 / 08

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की चौड़ाई कितनी है?

​ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप और ईरान के बीच स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक संकरा जल मार्ग है। इसकी चौड़ाई 21 से 33 किलोमीटर के बीच है। ​

भारत के लिए क्यों जरूरी है स्ट्रेट ऑफ होर्मुजImage Credit : Canva06 / 08

भारत के लिए क्यों जरूरी है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

​भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग के जरिए पूरा करता है। इसी मार्ग से भारत में तेल टैंकर आते हैं।​

भारत से कितना दूर है स्टेट ऑफ होर्मुज?​Image Credit : Canva07 / 08

भारत से कितना दूर है स्टेट ऑफ होर्मुज?​

​स्टेट ऑफ होर्मुज की भारत के पश्चिमी तट, गुजरात के कांडला बंदरगाह तक की दूरी करीब 1000 से 1550 किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने में जहाजों को करीब 37 घंटे से लेकर 53 घंटे तक का समय लग सकता है। यह समय जहाज की गति और समुद्री परिस्थितियों पर निर्भर करता है।​

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकर को भारत पहुंचने में कितना टाइम लगता है?Image Credit : Canva08 / 08

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकर को भारत पहुंचने में कितना टाइम लगता है?

​जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों को भारत आने में 2 से 3 दिन का समय लगता है। यह अनुमान तेल टैंकर जहाज की 24 से 32 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड के अनुसार है। ​

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