क्या आप जानते हैं कि CAPF और भारतीय सेना (Indian Army) के बीच क्या फर्क होता है? दोनों के अपने अलग-अलग रोल और जिम्मेदारियां हैं। चलिये जानते हैं इन दोनों में क्या अंतर है...
सबसे पहले तो ये जान लें कि सीएपीएफ होता क्या है... दरअसल CAPF का मतलब है सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज। ये गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले अर्धसैनिक बलों का एक समूह है। ये कोई बल नहीं बल्कि कई प्रमुख बलों का एक समूह है, जिसे सीएपीएफ कहा जाता है।
CAPF में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी, असम राइफल्स सीएपीएफ के अंदर आते हैं।
Indian Army की बात करें तो ये भारत की लैंड बेस्ड यानी थल आधारित सेना है। जिसका काम देश की सीमाओं की सुरक्षा करना, राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता बनाए रखना और बाहरी व आंतरिक खतरों से रक्षा करना है।
अगर भारतीय सेना इंडियन आर्मी में बेसिक सैलरी की बात की जाए तो ये एक्सपीरियंस, पोस्टिंग के आधार पर अलग-अलग होती है। हालांकि बेसिक पे 21,700 से शुरू होकर अधिकारियों की सैलरी 2.50 लाख हर महीने से भी ज्यादा हो सकती है।
आर्मी में मिलने वाली प्रमुख सुविधाओं में मुफ्त चिकिस्ता, सीएसडी कैंटीन, पेंशन/रिटायरमेंट लाभ, आवास, बच्चों के लिए रियायती एजुकेशन और साल में 60 दिनों की छुट्टी के साथ परिवार के साथ मुफ्त रेल वारंट शामिल है।
CAPF में बेसिक सैलरी 21,700 से शुरू होकर अधिकारी स्तर की 1.3 लाख से लेकर 1.8 लाख तक हो सकती है। ये अलग-अलग पदों पर निर्भर करता है। सीएपीएफ में मेडिकल, आवास (हर जगह पर नहीं), सीएसडी कैंटीन, बच्चों की एजुकेशन फ्री मिलती है।
Army में हाई एल्टीट्यूड जैसी जगहों पर ज्यादा भत्ते मिलते हैं। वहीं CAPF की पोस्टिंग अकसर नक्सल क्षेत्र, चुनावी ड्यूटी और दंगा नियंत्रण में होती है। आर्मी का मुख्य काम युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा है तो वहीं सीएपीएफ का काम आंतरिक शांति और सीमा की निगरानी है।