दीप्ति हरदोई से हैं और बेहद ही साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता देवेंद्र सिंह एक LIC एजेंट हैं और वे लखनऊ में ही काफी समय से रह रहे हैं। दीप्ति की माता गृहणी हैं। पढ़ने-लिखने के लिए दीप्ति को शुरू से ही परिवार का सपोर्ट मिला।
दीप्ति हरदोई से हैं और बेहद ही साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता देवेंद्र सिंह एक LIC एजेंट हैं और वे लखनऊ में ही काफी समय से रह रहे हैं। दीप्ति की माता गृहणी हैं। पढ़ने-लिखने के लिए दीप्ति को शुरू से ही परिवार का सपोर्ट मिला।
ये दीप्ति का पहले अटेंप्ट नहीं था बल्कि इससे पहले भी उन्होंने UPSC CSE की परीक्षा दी थी। मगर उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने खूब मेहनत की और अपनी गलतियों से सीखा। फिर साल 2024 के यूपी पीसीएस एग्जाम में आखिरकार उन्हें सफलता मिली।
12वीं पास करने के बाद से ही दीप्ति ने सिविल सेवा में शामिल होने का सपना देखा था। मगर बार-बार असफलता हाथ लग रही थी। मगर फिर तमाम असफलताओं के बावजूद भी परिवार हमेशा साथ खड़ा रहा।
दीप्ति का ये तीसरा प्रयास था। उन्होंने लगातार मेहनत की और धैर्य बनाए रखे। पढ़ाई के दौरान उन्होंने लाइब्रेरी भी जॉइन की। यहां वे सुबह से लेकर शाम तक पढ़ती थीं। दीप्ति अपने आंसर्स को खुद ही रीव्यू किया करती थीं।
दीप्ति हमेशा से ही एक मेधावी छात्रा रहीं। उन्होंने 10वीं में 90.4 प्रतिशत नंबर्स हासिल किए थे। इसके बाद 12वीं कक्षा में उन्होंने 94.5 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनका सपना था कि वे एक दिन यूपीएससी पास कर सिविल सर्वेंट बनेंगी।