भारत में 28 राज्यों के अलावा 8 केंद्र शासित प्रदेश भी हैं, जिनमें से एक है अंडमान और निकोबार! क्या आप जानते हैं, कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कैसे बना? आइये इससे जुड़े कुछ रोचक और महत्वपूर्ण जनरल नॉलेज फैक्ट्स जानते हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान दोनों के लिए उपयोगी हैं।
पहली - समुद्र हमारी आपकी कल्पना से भी विशाल है और यहां ऐसे बहुत से रहस्य हैं, जिन्हें जानने में हजारों साल लग जाएंगे। समुद्र के नीचे ज्वालामुखी भी है, पर्वत पहाड़ भी है और गहरी खाई भी है। दूसरा - पृथ्वी मुख्य रूप से 7 प्रमुख (Major) और लगभग 8 छोटी (Minor) प्लेटों (टेक्टोनिक प्लेट्स) में बंटी हुई है। इन छोटी प्लेटों में से एक है भारतीय प्लेट (Indian Plate)! अब आगे बढ़ते हैं।
धरती के नीचे मौजूद यह प्लेट्स खिसकती रहती है, जब भारतीय प्लेट बर्मा प्लेट से टकराती है, तो भारतीय प्लेट नीचे की ओर दबने लगती है और बर्मा प्लेट ऊपर की ओर बढ़ती है। इस टक्कर से अत्यधिक दबाव बनता है और गर्म मैग्मा बनता है।
यह मैग्मा ऊपर उठता है, तो समुद्र की तल फाड़कर निकलता है। अगर यह प्रोसेस लगातार चलेगा, तो लावा पर लावा जमा होता चला जाएगा। इस प्रक्रिया में कई बार यह पानी से ऊपर निकल आता है। फिर हजारों सालों के बाद यह हिस्सा पूरी तरह अलग रूप में दिखने लगता है। एक समय के बाद हरियाली आ जाती है, तो यह रहने लायक बन जाते हैं।
यहां बताया गया प्रोसेस अंडमान और निकोबार द्वीप बनने का है जबकि दूसरे तरीके से बन सकते हैं। जैसे प्रवाल भित्ति (मूंगा जीवों के अवशेष से), महाद्वीपों के टूटने या समुद्र का जलस्तर बढ़ने से, नदियों द्वारा बहाई गई मिट्टी के जमाव से, या इंसानों द्वारा कृत्रिम रूप से।
अंडमान और निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर है। यहां कुल 572 द्वीप, टापू और चट्टानी द्वीप हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 38 द्वीपों पर ही लोग रहते हैं। यह बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बीच स्थित है। भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु "इंदिरा प्वाइंट" निकोबार द्वीप समूह में स्थित है।
अंडमान और निकोबार का सबसे बड़ा शहर पोर्ट ब्लेयर है। यही सेल्युलर जेल (कालापानी) भी है, जो अब सक्रिय नहीं है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को पहली बार पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था। यहीं बैरन द्वीप (Barren Island) है जो भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है।