जैसा कि हमने आपको बताया कि पॉलिटेक्निक के परंपरागत कोर्स हैं, जिसमें सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग शामिल है। इनके अलवा अब आपको उन ब्रांच के बारे में बताएंगे, जिसमें सबसे अधिक कमाई होती है।
कंप्यूटर साइंस में छात्रों को कोडिंग, आईटी की जानकारी दी जाती है, जो हमेशा डिमांड में रहता है। इसे करने पर आपको 5-6 लाख रुपये सालाना सैलरी मिल सकती है। अनुभव अच्छा होने के बाद सैलरी 8 से 10 लाख तक जा सकती है।
यह भी पॉलिटेक्निक की सबसे हाई इनकम ब्रांच में से एक है। इसमें बिजली, एनर्जी, ऑटोमेशन सेक्टर की नॉलेज दी जाती है। इसमें भी छात्र 4 से 6 लाख रुपये सालाना कमा सकते हैं। और अनुभव के आधार पर सैलरी में बढ़ोतरी होती है।
ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग और मशीन डिजाइन में के बारे में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में सिखाया जाता है। इसे करने के बाद छात्र न केवल प्राइवेट सेक्टर में बल्कि सरकारी नौकरी के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं।
परंपरागत कोर्स में शामिल सिविल इंजीनियरिंग को कैसे भूला जा सकता है। यह एक सदाबहार कोर्स है, जिसकी डिमांड अक्सर रहती है। इसमें शुरुआती सैलरी 3 लाख से 7 लाख रुपये तक होती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के साथ टेलीकम्युनिकेशन और चिप डिजाइनिंग में रुची रखने वालों के लिए एक बेहतरीन कोर्स है। न केवल हाई इनकम कोर्स है, बल्कि बदलते समय में इसकी डिमांड भी बढ़ रही है। इसमें शुरुआती सैलरी 3 से 5 लाख रुपये होती है।
पॉलिटेक्निक के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में वाहनों की डिजाइनिंग, मरम्मत और उत्पादन की नॉलेज दी जाती है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के साथ कोर्स की मांग भी बढ़ने लगी है। इस कोर्स को करने के बाद आपकी शुरुआती सैलरी 3 लाख से 6 लाख रुपये तक जा सकती है।
केमिकल इंजीनियरिंग आज भी एक प्रसिद्ध कोर्स माना जाता है। इसमें फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग केमिकल इंजीनियर की मांग रहती है। ऐसे में यह कोर्स भी आपको एक अच्छी सैलरी दे सकता है।