अंतरिक्ष में करोड़ों तारे, फिर भी रात में दिखता है काला, क्या है रहस्य

Why does the sky appear black at night: आसमान में अनगिनत तारे और सूर्य मौजूद होने के बावजूद अंतरिक्ष हमें काला क्यों दिखाई देता है? यह सवाल लंबे समय से लोगों और वैज्ञानिकों के लिए जिज्ञासा का विषय रहा है। विज्ञान ने अब इस रहस्य को काफी हद तक समझा दिया है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated May 6 2026, 18:28 IST
करोड़ों तारे होने के बावजूद अंतरिक्ष क्यों है काला01 / 07

करोड़ों तारे होने के बावजूद अंतरिक्ष क्यों है काला

जब सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो वह वहां मौजूद गैसों और धूल के कणों से टकराकर अलग-अलग दिशाओं में बिखर जाती है। इस प्रक्रिया को रेले प्रकीर्णन (Rayleigh scattering) कहा जाता है। (Image - chatgpt)

नीला क्यों दिखता है आकाशImage Credit : Canva02 / 07

नीला क्यों दिखता है आकाश

सूर्य की रोशनी (सफेद प्रकाश) में कुल सात (7) रंग होते हैं। ये रंग बैंगनी, इंडिगो (जामुनी), नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल हैं। इनमें से नीली रोशनी की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) कम होती है, इसलिए वह बाकी रंगों की तुलना में ज्यादा बिखरती है। यही कारण है कि हमें दिन के समय आकाश नीला दिखाई देता है।

काला क्यों दिखता है आकाशImage Credit : Canva03 / 07

काला क्यों दिखता है आकाश

रात के समय पृथ्वी का एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी होता है, जहां सूर्य की सीधी रोशनी नहीं पड़ती। ऐसे में वायुमंडल में प्रकाश का बिखराव नहीं हो पाता, और आकाश काला नजर आता है।

दिन में काला आकाश कहां से दिखता है?Image Credit : Canva04 / 07

दिन में काला आकाश कहां से दिखता है?

अगर हम चंद्रमा जैसे स्थान पर जाएं, जहां वायुमंडल नहीं है, तो वहां दिन में भी आकाश काला ही दिखाई देगा। इसका कारण यह है कि वहां प्रकाश को बिखेरने के लिए कोई माध्यम मौजूद नहीं होता।

तारों के बावजूद पूरा आकाश काला क्योंImage Credit : Canva05 / 07

तारों के बावजूद पूरा आकाश काला क्यों

यह सवाल कि “इतने सारे तारों के बावजूद पूरा आकाश चमकदार क्यों नहीं है?” वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:ब्रह्मांड की उम्र सीमित है (लगभग 13-15 अरब वर्ष), इसलिए बहुत दूर के तारों की रोशनी अभी तक हम तक पहुंची ही नहीं है।ब्रह्मांड लगातार फैल रहा है, जिससे दूर जाते तारों की रोशनी कमजोर हो जाती है।

डॉप्लर इफेक्ट क्या हैImage Credit : Canva06 / 07

डॉप्लर इफेक्ट क्या है

जब तारे या आकाशगंगाएं हमसे दूर जाती हैं, तो उनकी रोशनी की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) बढ़ जाती है। इस प्रक्रिया को डॉप्लर इफेक्ट कहा जाता है। इससे रोशनी लाल रंग की ओर खिसक जाती है (रेडशिफ्ट) और कई बार इतनी कमजोर हो जाती है कि हमें दिखाई ही नहीं देती।

क्या अंतरिक्ष पूरी तरह काला है?Image Credit : Canva07 / 07

क्या अंतरिक्ष पूरी तरह काला है?

अंतरिक्ष पूरी तरह अंधकारमय नहीं है। बहुत दूर के तारों और आकाशगंगाओं से आने वाली हल्की रोशनी एक बेहद धुंधली चमक पैदा करती है, लेकिन यह हमारी आंखों से साफ दिखाई नहीं देती।

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