UPSC सिविल सर्विस परीक्षा (CSE) को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है, लेकिन इसका ये मतलब कतई नहीं है कि कोई औसत छात्र इसकी तैयारी करने की सोच नहीं सकता है। ये IAS Smriti Mishra की कहानी है, जो खुद भी एक औसत छात्र रहीं हैं। वे इस तगड़े कॉम्पिटिशन में पूरे मन से उतरी, और उन्होंने अपना सपना पूरा कर दिखाया, पढ़ें IAS Smriti Mishra Success Story
हालांकि, कई ऐसे भी छात्र देखने को मिलेंगे, जो लंबे समय तक संघर्ष कर रहे होंगे, लेकिन उन्हें भी IAS Smriti Mishra की तरह धैर्य रखने की जरूरत है। IAS Smriti Mishra जब UPSC की तैयारी कर रही थीं, तो उन्हें दो बार अफसलता का मुंह देखना पड़ा, लेकिन निराश होने की जगह उन्होंने कोशिश बनाए रखी, और पहले से बेहतर तरीके से पढ़ाई की, रणनीति बनाई, समय दिया, फोकस किया तब जाकर उन्हें ये मुकाम हासिल हुआ।
असली उम्मीदवार वही है, जो हार न मानें, आगे बढ़ने की कला में माहिर हो, धैर्य हो, खुद की पढ़ाई का आकलन करना जानता हो, और लक्ष्य के प्रति समर्पित हो। IAS Smriti Mishra में भी यही गुण थे, इसलिए उन्हें तीसरी कोशिश में सफलता मिली, और उन्होंने IAS बनने का सपना पूरा किया।
आपने सुना होगा - जीत की तैयारी इतनी तगड़े से करो कि सफलता शोर मचा दें, बस यही हुआ Smriti Mishra के साथ। उन्होंने जीतोड़ कोशिश की, और मुश्किल रास्ते की परवाह किए बिना आगे बढ़ती रहीं। IAS ऑफिसर स्मृति मिश्रा की शानदार यात्रा दृढ़ता और पक्के इरादे का एक जीता-जागता सबूत है। उन्हें उनकी तैयारी के लिए AIR 4 रैंक मिली।
Smriti Mishra यूपी से हैं, उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई होम स्टेट से की, इसके बाद स्नातक के लिए वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर मिरांडा हाउस कॉलेज आ गईं, यहां उन्होंने B.Sc की डिग्री हासिल की। डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने पूरे मन से UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
शुरुआती कोशिशों में नाकामयाबी मिलने के बावजूद, Smriti Mishra ने हार नहीं मानी। बल्कि, उन्होंने अपनी अप्रोच की बारीकियों को समझा, और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए नई रणनीतियां सीखीं। Smriti Mishra की UPSC की तैयारी में रोजाना अखबार अच्छे से पढ़ना और उनसे ध्यान से नोट्स बनाना शामिल था। इसके अलावा, वह खुद को करेंट अफेयर्स से अपडेट रखती थीं, जो UPSC परीक्षाओं के लिए बहुत जरूरी है।
खुद के बनाए नोट्स पर भरोसा किया, इसके अलावा पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर सॉल्व करना उनके डेली रूटीन का हिस्सा था। स्मृति की कड़ी मेहनत 2022 में रंग लाई, जब उन्होंने अपनी तीसरी कोशिश में शानदार ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल की। स्मृति मिश्रा की यात्रा हमें निरंतरता और कड़ी मेहनत का महत्व सिखाती है। यह हमें आत्मविश्वास और खुद पर विश्वास रखने की अहमियत भी सिखाती है।