Republic Day पर खास गन से दी जाती है 21 तोपों की सलामी, कहां बनी है ये बंदूक ?

Republic Day 21 Light Gun Salute: गणतंत्र दिवस के खास मौके पर आपने देखा होगा कि 21 तोपों की सलामी दी जाती है। हर साल राजपथ पर आपको इस सलामी की गूंज सुनाई देती होगी। मगर क्या आपको पता है कि जिस बंदूक से 21 तोपों की सलामी दी जाती है, वो कहां पर बनी है और उसका नाम क्या है। साथ ही इसे 52 सेकेंड तक ही क्यों दिया जाता है? इसके पीछे वजह क्या है?

Authored by: कुसुम भट्टUpdated Jan 26 2026, 11:05 IST
स्वदेशी एलएफजी Image Credit : Twitter01 / 06

स्वदेशी एलएफजी

दरअसल,ब्रिटिशकालीन 25 पाउंडर तोपों की जगह भारतीय सेना स्वदेशी एलएफजी का इस्तेमाल कर रही है। ये कहीं और नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के जबलपुर में बनी हैं। ये तोपें शहर की गन कैरिज फैक्ट्री में बन रही हैं।

12 तोपों का रखा गया लक्ष्यImage Credit : Twitter02 / 06

12 तोपों का रखा गया लक्ष्य

वित्तीय वर्ष में 12 तोपों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इनमें तीन तोप पहले ही भारतीय सेना को दी जा चुकी हैं। जीसीएफ के जनसंपर्क अधिकारी ऋतुराज द्विवेदी कहते हैं कि साल 2023 में गणतंत्र दिवस के दौरान पहली बार इन स्वदेशी तोपों ने ब्रिटिश युग की तोपों की जगह ली थी। इसे राष्ट्रपति और विदेशी मेहमानों के सम्मान में देते हैं।

52 सेकेंड में दी जाती है सलामीImage Credit : Twitter03 / 06

52 सेकेंड में दी जाती है सलामी

राष्ट्रपति और राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान देने के लिए 52 सेकेंड में खास ब्लैंक कार्टिज से सलामी दी जाती है, जिसमें सात एलएफजी एक सिरे से लगातार फायरिंग करते हैं। असल में तोपें 8 होती हैं, जिनमें से 7 तोपों से सलामी दी जाती है। हर तोप से 3 गोले छोड़े जाते हैं।

बेहद खास है ये तोपेंImage Credit : Twitter04 / 06

बेहद खास है ये तोपें

इन तोपों की काफी सारी खासियतें हैं। पहली बात तो ये हल्की और कॉम्पैक्ट संरचना वाली होती हैं। साथ ही इनकी फायरिंग क्षमता 17 किलोमीटर की होती है। ये एयरड्रॉप व एयरलिफ्ट में सक्षम होती हैं।

भारत का सर्वोच्च सम्मान05 / 06

भारत का सर्वोच्च सम्मान

इनका संचालन काफी तेज और सटीक होता है। प्रति मिनट इनकी मारक क्षमता 4 राउंड होती है। साल 1984 से इनका उत्पादन होता आ रहा है।

क्यों 52 सेकेंड तक ही देते हैं सलामी ? 06 / 06

क्यों 52 सेकेंड तक ही देते हैं सलामी ?

हर तोप से तीन गोले छोड़े जाते हैं। हमारा राष्ट्रगान जनगणमन भी 52 सेकेंड में पूरा होता है इसलिए 21 तोपों की सलामी भी 52 सेकेंड में खत्म की जाती है।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!