अकसर लोगों को लगता है कि सीबीएसई और आईसीएसई ही भारत के सबसे बड़े बोर्ड हैं। मगर सच तो कुछ और ही है। इन दोनों में से कोई भी देश का पुराना और बड़ा बोर्ड नहीं है। चलिये इस लेख में हम आपको बताते हैं कि भारत का सबसे पुराना बोर्ड कौन सा है।
यहां हम बात कर रहे हैं यूपी बोर्ड की। यूपी बोर्ड ने ही भारत में पहली बार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की कंबाइंड व्यवस्था शुरू की थी। आज भी इसे दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड माना जाता है।
जब भी भारत में स्कूली शिक्षा की बात आती है तो सबसे पहले सीबीएसई और आईसीएसई का ख्याल सामने आता है। इन्हें सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के नाम से जाना जाता है।
देश में औपचारिक स्कूली शिक्षा की शुरुआत ब्रिटिशर्स ने की थी। उस समय शिक्षा को एक समान ढांचे में लाने और सिलेबस को तय करने के लिए एक बोर्ड की जरूरत महसूस हुई तो भारत का पहला बोर्ड अस्तित्व में आया।
ये बोर्ड था यूपी बोर्ड। इसने आगे चलकर देश की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा दी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ही भारत का सबसे पहला और पुराना बोर्ड है। इस बोर्ड की स्थापना साल 1921 में यूनाइटेड प्रोविंसेज लेजिस्लेटिव काउंसिल के तहत की गई थी।
यूपी बोर्ड का मुख्यालय उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित है। ये देश का पहला बोर्ड था, जिसने हाई स्कूल यानी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं तरीके से संचालित की थीं। जब CBSE और ICSE बोर्ड बने थे, तब तक यूपी बोर्ड तकरीबन 40 सालों से भी ज्यादा समय तक बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कर चुका था।