IPS डी रूपा का नाम देश की सबसे सख्त आईपीएस ऑफिसर में शामिल है। उन्होंने अपने करियर में कई केस सॉल्व किए हैं। उनके नाम कई विवाद भी रहे हैं।
आईपीएस डी रूपा मोदगिल साल 2000 UPSC बैच की ऑफिसर हैं। उनकी पहचान आज एक सेलिब्रिटी जैसी है। अपने 24 साल के IPS करियर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।
पढ़ाई में अव्वल रहने वाली IPS रूपा ने कर्नाटक के कुवेम्पु यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। वो अपने कॉलेज में गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं। ग्रेजुएशन के बाद ही उन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा देने का फैसला लिया।
UPSC 2000 में आईपीएस रूपा को रैंक 43 प्राप्त हुआ था। इसके बाद राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से उन्होंने ट्रेनिंग ली और इसमें भी उन्हें रैंक 5 प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रेनिंग के दौरान की तस्वीरें भी साझा की हैं।
IPS बनने के बाद डी रूपा को कई जिलों में पोस्टिंग मिली। उन्होंने बताया कि 20 साल के करियर में उनका 40 बार ट्रांसफर हुआ। उन्हें मध्य प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में काम करने का मौका मिला।
आईपीएस रूपा का नाम उस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में आया जब साल 2004 में मध्य प्रदेश की तत्कालीन सीएम उमा भारती को गिरफ्तार करके पूरे देश को चौंका दिया था। हुबली अदालत के आदेश पर उन्होंने सीएम को गिरफ्तार किया था।
IPS रूपा मोदगिल सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। उन्होंने कई पोडक्ट के लिए मॉडलिंग भी की है। उनकी बहन IRS रोहिणी दिवाकर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में ज्वाइंट कमिश्नर हैं।