स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में भारत ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव मजूबत की, पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत की और गुटनिरपेक्ष आंदोलन में अहम भूमिका निभाई।
नरेंद्र मोदी मई 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने और लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता संभाल रहे हैं। जून 2026 तक उनका कार्यकाल 12 साल से भी ज्यादा का हो चुका है, जिससे वे भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और जी 20 शिखर सम्मेलन जैसे बड़े कदम देखने को मिले हैं।
Jawaharlal Nehru का निर्वाचित कार्यकाल: 4,398 दिन (13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक) का है और वहीं Narendra Modi का निर्वाचित कार्यकाल: 4,399 दिन (26 मई 2014 से 10 जून 2026 तक) का है। यानी मोदी ने 10 जून 2026 को नेहरू का निर्वाचित प्रधानमंत्री वाला रिकॉर्ड 1 दिन से पार किया।
इंदिरा गांधी ने दो अलग-अलग अवधि में देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। उनका कार्यकाल 1966 से 1977 तक और दूसरा 1980 से लेकर 1984 तक रहा। बैंक राष्ट्रीयकरण, बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में भारत की भूमिका और आपातकाल जैसे घटनाक्रम उनके कार्यकाल की प्रमुख पहचान रहे।
मनमोहन सिंह ने साल 2004 से लेकर 2014 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे किए। उनके नेतृत्व में भारत ने तेज आर्थिक विकास, सूचना का अधिकार कानून और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसी अहम नीतियां देखीं। वे देश के पहले सिख प्रधानमंत्री भी रहे। मनमोहन सिंह का कार्यकाल 3656 दिनों का था।
अटल बिहारी बाजपेयी की बात करें तो वे देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में गिने जाते हैं। हालांकि उनका पहला और दूसरा कार्यकाल अल्पकालिक रहा लेकिन साल 1998 से लेकर 2004 तक उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उनके नेतृत्व में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और पोखरण परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक फैसले लिये गए।
इन पांच नेताओं ने अलग-अलग दौर में भारत की दिशा को तय करने में अहम भूमिका निभाई। इनमें नेहरू ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी, इंदिरा गांधी ने मजबूत केंद्रीय नेतृत्व छाप छोड़ी, बाजपेयी ने गठबंधन राजनीति को नई पहचान दी, मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया और नरेंद्र मोदी ने डिजिटलीकरण और वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति को मजबूत किया।