शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक हासिल करके AIR 1 रैंक प्राप्त की, जिससे वे भारत की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। इस साल IIT दिल्ली जोन से ही टॉप रैंक वाले तीनों उम्मीदवार निकले हैं। कबीर छिल्लर ने 329 अंकों के साथ AIR 2 हासिल की, जो टॉपर से सिर्फ़ एक अंक पीछे थे; वहीं जतिन चाहर ने 319 अंकों के साथ AIR 3 हासिल की।
बात करें महिला टॉप की तो महिला उम्मीदवारों में, आरोही देशपांडे JEE Advanced 2026 में शीर्ष रैंक वाली महिला के रूप में उभरीं। देशपांडे ने 360 अंकों में से 280 अंक हासिल किए और CRL 77 प्राप्त किया, जिससे वह इस परीक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली महिला उम्मीदवार बन गईं। उनकी यह उपलब्धि ऐसे साल में आई है, जब 10,000 से भी ज्यादा महिलाओं ने JEE Advanced के जरिये प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए योग्यता प्राप्त की।
मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली आरोही देशपांडे ने जेईई के लिए राजस्थान के कोटा का रुख किया। उन्होंने टेस्ट सीरीज, नियमित अभ्यास और रिवीजन से अपनी तैयारी को स्ट्रॉन्ग किया। उनकी सफलता का राज लंबे समय तक एक ही लक्ष्य पर फोकस रखना माना जा रहा है।
अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए आरोही ने बताया कि रोजाना नियमित अभ्यास के साथ-साथ वीकेंड का भी भरपूर इस्तेमाल करती थीं। अगर कोई सब्जेक्ट समय से पूरा नहीं हो पाता था तो वे उसके लिए अलग से समय निकालती थीं। वे मानती हैं कि सिर्फ पढ़ लेना ही काफी नहीं है बल्कि उसे नियमित रूप से दोहराना भी चाहिए।
JEE Advanced 2026 के टॉप तीन रैंक होल्डर्स में शुभम कुमार (IIT दिल्ली जोन)- 330/360, कबीर छिल्लर (IIT दिल्ली ज़ोन) – 329/360 और जतिन चाहर (IIT दिल्ली जोन) – 319/360 हैं।
ये नतीजे IIT दिल्ली जोन के उम्मीदवारों के शानदार प्रदर्शन को दिखाते हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थानों पर अपना दबदबा बनाया।
आरोही के स्टडी प्लान का एक और हिस्सा नोट्स तैयार करना भी था। उन्होंने बताया कि कैसे केमिस्ट्री समेत अन्य विषयों के नोट्स तैयार करने में वे कलर कोडिंग टेक्नीक का इस्तेमाल करती थीं। वे महत्वपूर्ण फॉर्मूला, फैक्ट्स और अवधारणाओं को अलग-अलग रंग से लिखती थीं ताकि जरूरी बिंदु याद रहें।