देश का नंबर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज, जानें CSE में एडमिशन के लिए कितनी चाहिए रैंक

IIT मद्रास में एडमिशन केवल JEE Advanced परीक्षा और JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से होता है, इसलिए यहां सीट हासिल करना बेहद प्रतिस्पर्धी माना जाता है, खासकर CSE जैसी ब्रांच में, जिसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। ऐसे में छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि किस रैंक पर IIT मद्रास में CSE ब्रांच मिल सकती है।

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated May 8 2026, 10:11 IST
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देश का नंबर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज, जानें CSE में एडमिशन के लिए कितनी चाहिए रैंक

IIT मद्रास में एडमिशन केवल JEE Advanced परीक्षा और JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से होता है, इसलिए यहां सीट हासिल करना बेहद प्रतिस्पर्धी माना जाता है, खासकर CSE जैसी ब्रांच में, जिसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। ऐसे में छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि किस रैंक पर IIT मद्रास में CSE ब्रांच मिल सकती है। (image - chatgpt)

IIT मद्रास क्यों है खास?Image Credit : Canva02 / 07

IIT मद्रास क्यों है खास?

नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 की इंजीनियरिंग रैंकिंग में IIT मद्रास को देश का नंबर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज घोषित किया गया है। बेहतर प्लेसमेंट, रिसर्च सुविधाएं और उच्च शिक्षा का माहौल इसे छात्रों की पहली पसंद बनाते हैं।

IIT मद्रास में एडमिशन कैसे होता है?Image Credit : Canva03 / 07

IIT मद्रास में एडमिशन कैसे होता है?

IIT मद्रास में बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों को पहले JEE Main क्वालिफाई करना होता है। इसके बाद JEE Advanced परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले उम्मीदवार JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा लेते हैं। काउंसलिंग के दौरान रैंक, कैटेगरी और सीट उपलब्धता के आधार पर कॉलेज और ब्रांच आवंटित की जाती है।

IIT मद्रास CSE के लिए कितनी रैंक चाहिए?Image Credit : Canva04 / 07

IIT मद्रास CSE के लिए कितनी रैंक चाहिए?

पिछले वर्षों के JoSAA ट्रेंड्स के अनुसार, IIT मद्रास की कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एडमिशन पाने के लिए बहुत अच्छी रैंक की जरूरत होती है।General Category: आमतौर पर AIR 150 से 200 के भीतरOBC-NCL Category: लगभग 25 से 100 रैंक तकSC Category: करीब 10 से 50 रैंक तकST Category: लगभग 7 से 28 रैंक तकEWS Category: करीब 250 से 350 रैंक तक हालांकि, हर साल सीटों की संख्या, परीक्षा का कठिनाई स्तर और उम्मीदवारों की संख्या के अनुसार कटऑफ में बदलाव हो सकता है।

​JoSAA 2025 R​ound-1 Cutoff का महत्वImage Credit : Canva05 / 07

​JoSAA 2025 R​ound-1 Cutoff का महत्व

JoSAA काउंसलिंग के दौरान IIT मद्रास CSE की अधिकांश सीटें शुरुआती राउंड में ही भर जाती हैं। इसलिए Round-1 की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। छात्र josaa.nic.in और josaa.admissions.nic.in पर जाकर आधिकारिक कटऑफ देख सकते हैं।

छात्रों के लिए जरूरी सलाहImage Credit : Canva06 / 07

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

अगर आपका लक्ष्य IIT मद्रास में कंप्यूटर साइंस ब्रांच हासिल करना है, तो JEE Advanced में टॉप रैंक लाना बेहद जरूरी है। साथ ही JoSAA काउंसलिंग के पिछले वर्षों के कटऑफ ट्रेंड को समझकर सही कॉलेज चॉइस भरना भी महत्वपूर्ण होता है। 2026 JoSAA काउंसलिंग शुरू होने से पहले छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पिछले वर्षों की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक का अच्छे से विश्लेषण करें, ताकि एडमिशन की संभावनाओं का सही अंदाजा लगाया जा सके।

लड़कियों के लिए अलग सीटेंImage Credit : Canva07 / 07

लड़कियों के लिए अलग सीटें

IIT मद्रास समेत अन्य IITs में लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों का प्रावधान होता है, जिन्हें Female Supernumerary Seats कहा जाता है। इन सीटों के लिए अलग कटऑफ जारी की जाती है। कई बार फीमेल उम्मीदवारों को सामान्य कटऑफ से थोड़ी कम रैंक पर भी CSE ब्रांच मिल सकती है।

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