Vyatipat Yoga 2026: 26 सितंबर 2026 की सुबह 12 बजकर 31 पर सूर्य और चंद्रमा के बीच व्यतिपात योग बन गया है। वैदिक ज्योतिष में व्यतिपात को 27 नित्य योगों में एक महत्वपूर्ण योग माना जाता है और इसे शुभ कामों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। इस योग के दौरान सूर्य और चंद्रमा की स्थिति व्यक्ति के फैसलों, मनोदशा, कामकाज और रिश्तों पर दबाव बढ़ाने वाली मानी जाती है। इस समय सूर्य कन्या में हैं, जहां काम में बारीकियों और गणना का प्रभाव बढ़ता है, जबकि चंद्रमा मीन में होने से भावनाएं और कल्पनाशक्ति अधिक सक्रिय रहती हैं। ऐसे में तर्क और भावना के बीच खींचतान बढ़ सकती है।इन ग्रहों की स्थिति को राशि के आधार पर देखें तो कुछ राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी रखने की जरूरत रहेगी। इन राशियों के लिए सूर्य और चंद्रमा क्रमशः ऐसे भावों को सक्रिय कर रहे हैं जिनसे तनाव, खर्च, मानसिक दबाव, अचानक बदलाव या रिश्तों में उलझन बढ़ सकती है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह समय अच्छा नहीं है।
मेष राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव में और चंद्रमा बारहवें भाव में हैं। एक तरफ काम, प्रतिस्पर्धा और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ेगा, वहीं दूसरी तरफ खर्च और मानसिक थकान बढ़ने की स्थिति बनेगी। ऑफिस में छोटी बात को लेकर विवाद बढ़ सकता है और बिना योजना के खर्च बजट बिगाड़ सकता है। नींद और आराम की अनदेखी करना भी भारी पड़ेगा। इस दौरान विरोधियों को जवाब देने के बजाय अपना काम मजबूत रखना ज्यादा जरूरी है। सुबह सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें और मंगलवार को जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं।
सिंह राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव और चंद्रमा आठवें भाव में हैं। दूसरा भाव धन और परिवार से जुड़ा है, जबकि आठवां भाव अचानक बदलाव और साझा आर्थिक मामलों का माना जाता है। इस योग में पैसों को लेकर चिंता बढ़ सकती है और परिवार में किसी मुद्दे पर बहस हो सकती है। अचानक खर्च सामने आने से फाइनेंशियल प्लानिंग बिगड़ सकती है। किसी दूसरे व्यक्ति के कहने पर पैसा लगाने से भी बचना चाहिए। रविवार को गुड़ और गेहूं का दान करें तथा परिवार में बातचीत के दौरान कठोर शब्दों से बचें।
कन्या राशि में इस समय सूर्य मौजूद हैं, यानी सूर्य प्रथम भाव को सक्रिय कर रहे हैं, जबकि चंद्रमा सप्तम भाव में हैं। इससे एक ओर आत्मविश्वास और अपनी बात मनवाने की इच्छा बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर की अपेक्षाएं सामने आएंगी। परिणामस्वरूप रिश्तों में टकराव की स्थिति बन सकती है। काम में भी हर चीज को अपने तरीके से करने की जिद परेशानी बढ़ाएगी। रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करें और बुधवार को हरी मूंग का दान करें।
तुला राशि वालों के लिए सूर्य बारहवें भाव और चंद्रमा छठे भाव में हैं। यह संयोजन खर्च, नौकरी का दबाव, विरोधियों और स्वास्थ्य संबंधी चिंता को बढ़ा सकता है। काम का बोझ अचानक बढ़ सकता है और किसी छोटी गलती को लेकर सीनियर्स के सवालों का सामना करना पड़ सकता है। उधार या बेवजह की खरीदारी से भी बचना जरूरी रहेगा। शुक्रवार को जरूरतमंद महिला को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें और रोज कुछ समय ध्यान के लिए निकालें।
कुंभ राशि के लिए सूर्य आठवें भाव और चंद्रमा दूसरे भाव में हैं। यह स्थिति आर्थिक मामलों में अस्थिरता और अचानक होने वाले बदलाव को सक्रिय करती है। परिवार में किसी आर्थिक विषय पर बहस हो सकती है। टैक्स, इंश्योरेंस, साझा पैसा या पुराने भुगतान से जुड़ा कोई मामला भी सामने आ सकता है। इस समय कागजी काम में लापरवाही बिल्कुल न करें। शनिवार को काले तिल का दान करें और किसी भी बड़े आर्थिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ें।
मीन राशि में चंद्रमा स्वयं मौजूद हैं, जबकि सूर्य सप्तम भाव में हैं। यानी इस योग का सीधा असर मन और रिश्तों पर पड़ सकता है। व्यक्ति छोटी बातों को लेकर ज्यादा भावुक प्रतिक्रिया दे सकता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ने का खतरा रहेगा। जरूरी फैसले मूड के आधार पर लेने से नुकसान होगा। सोमवार को भगवान शिव को जल अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।