पवई झील और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के करीब स्थित यह कैंपस 550 एकड़ के विशाल और हरे-भरे क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां का वातावरण बेहद शुद्ध और शांत है। परिसर के अंदर 'सेमर हिल' और कई सुंदर बगीचे बने हुए हैं, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।
आईआईटी बॉम्बे के कैंपस के भीतर बनी 'मेन बिल्डिंग' और 'कॉन्वोकेशन हॉल' यहां के मुख्य प्रशासनिक केंद्र हैं। यह वही जगह है जहां संस्थान का कॉन्वोकेशन सेरेमनी मनाई जाती है और देश-विदेश के दिग्गजों की मौजूदगी में छात्रों को डिग्रियां सौंपी जाती हैं।
पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए यहां सेंट्रलाइज्ड एसी क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड और अत्याधुनिक लैब बनाई गई हैं। लेक्चर हॉल्स में 350 से अधिक छात्रों के बैठने की क्षमता है, जो एलईडी स्क्रीन और प्रोजेक्टर्स जैसी तकनीक से लैस हैं। इसके अलावा यहां का 'इंफिनिटी कॉरिडोर' बेहद मशहूर है, जो इतना लंबा है कि इसके दोनों छोर दिखाई ही नहीं देते और यह सभी मुख्य विभागों को आपस में जोड़ता है।
कैंपस में छात्रों के रहने के लिए 16 से अधिक हॉस्टल बने हुए हैं। हालांकि कुछ पुराने हॉस्टल के कमरे थोड़े छोटे या पुराने लग सकते हैं, लेकिन हर कमरे में इंटरनेट केबल, स्टडी टेबल, कुर्सी और अलमारी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं दी गई है। कुछ हॉस्टल के कमरों से पवई झील का बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देता है।
आईआईटी बॉम्बे का कैंपस अपने आप में एक छोटे से शहर की तरह है। छात्रों के खान-पान और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यहां कई कैंटीन, जूस सेंटर और 'गुलमोहर' जैसे लोकप्रिय रेस्तरां मौजूद हैं, जहां छात्र पढ़ाई के बाद छात्र फुर्सत के पल बिताते हैं।
पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के शारीरिक विकास और मनोरंजन का भी यहां पर पूरा ध्यान दिया जाता है। कैंपस के अंदर ही एक बड़ा जिमखाना है। इसके अलावा क्रिकेट और बैडमिंटन के लिए विशाल इनडोर और आउटडोर स्टेडियम है। साथ ही यहां एक स्विमिंग पूल भी है।
कैंपस के अंदर ही बैंक, डाकघर और एक अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे छात्रों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इस बेहतरीन माहौल में पढ़कर निकले यहां के पूर्व छात्र आज गूगल और इंफोसिस जैसी दुनिया की दिग्गज कंपनियों में शीर्ष पदों (CEO) पर काम कर रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं।