मां बनने के बाद शुरू की सिविल सेवा की तैयारी, तीसरे प्रयास में UPSC पास कर बनी IAS officer

​अक्सर विवाह के बाद महिलाओं के जीवन में बड़े बदलाव आते हैं। कई बार वे पेशेवर जीवन छोड़कर परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देती हैं, लेकिन यदि ससुराल और पति का साथ मिले, तो महिलाएं विवाह के बाद भी सफलता की नई ऊंचाइयां छू सकती हैं। ऐसी ही मिसाल पेश की है हरियाणा की आईएएस अधिकारी पुष्पलता यादव ने, जिनकी सफलता के पीछे उनके पति का निरंतर सहयोग रहा। आज वे IAS officer हैं और उनकी सक्सेस स्टोरी हजारों महिलाओं को करियर की रोशनी दिखाती है

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated Aug 26 2025, 14:46 IST
शादी के बाद पूरा किया सपना, पढ़ें आईएएस पुष्पलता यादव की प्रेरक कहानीImage Credit : TNN Edit01 / 07

शादी के बाद पूरा किया सपना, पढ़ें आईएएस पुष्पलता यादव की प्रेरक कहानी

हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव खुशबूरा की रहने वाली पुष्पलता ने शुरुआती शिक्षा अपने गांव से प्राप्त की। वर्ष 2016 में उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया, ग्रेजुएशन में उन्होंने बीएससी किया था, इसके बाद एमबीए पूरा किया। उनका मानना है​ कि अगर आप अच्छे से पढ़ाई करेंगे, तो देर से सही लेकिन मनचाही राहें खुली रहेंगी।​

विवाह और करियर का संतुलनImage Credit : TNN Edit02 / 07

विवाह और करियर का संतुलन

​पुष्पलता का विवाह वर्ष 2011 में हुआ और वे मानेसर में बस गईं। विवाह के बाद का जीवन किसी भी स्त्री के लिए हमेशा ऐसा नहीं रहता कि वो करियर में वो सब कुछ कर पाए, जो उसने कभी एकेड​मिक लेवल पर सोचा था, लेकिन पुष्पलता यादव ने कभी अपने सपने का मरने नहीं दिया, पहले वे दो साल निजी क्षेत्र में कार्यरत रहीं और बाद में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में सहायक प्रबंधक के पद पर नौकरी की। विवाह के बाद उन्होंने परिवार और नौकरी दोनों को संतुलित किया, धीरे धीरे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने आईएएस बनने का सपना देखा।​

UPSC की कठिन राह​Image Credit : TNN Edit03 / 07

UPSC की कठिन राह​

​शादी के चार साल बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। उस समय उनका बेटा मात्र दो साल का हो चुका था। दो साल का बेटे को हर समय मां पिता या परिवार के अन्य सदस्य की जरूरत होती है, लेकिन उसके व अपने और अच्छे भविष्य के लिए, अपना सपना पूरा करने के लिए पुष्पलता यादव ने जमकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान परिवार, विशेषकर उनके पति ने पूरी तरह उनका सहयोग किया। पुष्पलता रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करतीं और साथ ही पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभातीं रहीं।​

पति ने निभाई अहम भूमिका​Image Credit : TNN Edit04 / 07

पति ने निभाई अहम भूमिका​

​जब पुष्पलता पढ़ाई में व्यस्त रहतीं, तो उनके पति बेटे की देखभाल करते थे। ससुराल पक्ष में सभी ने लगातार कोशिशों को प्रोत्साहित किया। इस सहयोग ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने का हौसला दिया।​

दो बार हुईं थी असफल​Image Credit : TNN Edit05 / 07

दो बार हुईं थी असफल​

​ऐसा नहीं था कि पुष्पलता यादव के लिए सब कुछ आसान होता चला गया, उन्हें शुरुआती दो अटेम्ट में असफलता मिली। ये ऐसा क्षण था जब लोग निराश होकर कोशिश करना छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा दिखाया, और तीसरे प्रयास में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर ऑल इंडिया रैंक 80 हासिल की।​

समर्पण व धैर्य की कहानी​Image Credit : TNN Edit06 / 07

समर्पण व धैर्य की कहानी​

​पुष्पलता की यह उपलब्धि उनके समर्पण और धैर्य का प्रमाण है। कठिनाइयों और बाधाओं के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को नहीं छोड़ा और आईएएस अधिकारी बनकर लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।​

UPSC में मिली बड़ी सफलता​Image Credit : TNN Edit07 / 07

UPSC में मिली बड़ी सफलता​

​उन्होंने समझा कि लोग किस तरह उनका सहयोग कर रहे हैं, इसलिए पुष्पलता यादव ने कभी हिम्मत नहीं हारी, निगेटिविटी को अपने आसपास नहीं आने दिया, लगातार मेहनत की, जिसका परिणाम 2017 में सामने आया, जब उन्हें यूपीएससी सीएसई फाइनल रिजल्ट में सफलता मिली।​

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