हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव खुशबूरा की रहने वाली पुष्पलता ने शुरुआती शिक्षा अपने गांव से प्राप्त की। वर्ष 2016 में उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया, ग्रेजुएशन में उन्होंने बीएससी किया था, इसके बाद एमबीए पूरा किया। उनका मानना है कि अगर आप अच्छे से पढ़ाई करेंगे, तो देर से सही लेकिन मनचाही राहें खुली रहेंगी।
पुष्पलता का विवाह वर्ष 2011 में हुआ और वे मानेसर में बस गईं। विवाह के बाद का जीवन किसी भी स्त्री के लिए हमेशा ऐसा नहीं रहता कि वो करियर में वो सब कुछ कर पाए, जो उसने कभी एकेडमिक लेवल पर सोचा था, लेकिन पुष्पलता यादव ने कभी अपने सपने का मरने नहीं दिया, पहले वे दो साल निजी क्षेत्र में कार्यरत रहीं और बाद में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में सहायक प्रबंधक के पद पर नौकरी की। विवाह के बाद उन्होंने परिवार और नौकरी दोनों को संतुलित किया, धीरे धीरे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने आईएएस बनने का सपना देखा।
शादी के चार साल बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। उस समय उनका बेटा मात्र दो साल का हो चुका था। दो साल का बेटे को हर समय मां पिता या परिवार के अन्य सदस्य की जरूरत होती है, लेकिन उसके व अपने और अच्छे भविष्य के लिए, अपना सपना पूरा करने के लिए पुष्पलता यादव ने जमकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान परिवार, विशेषकर उनके पति ने पूरी तरह उनका सहयोग किया। पुष्पलता रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करतीं और साथ ही पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभातीं रहीं।
जब पुष्पलता पढ़ाई में व्यस्त रहतीं, तो उनके पति बेटे की देखभाल करते थे। ससुराल पक्ष में सभी ने लगातार कोशिशों को प्रोत्साहित किया। इस सहयोग ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने का हौसला दिया।
ऐसा नहीं था कि पुष्पलता यादव के लिए सब कुछ आसान होता चला गया, उन्हें शुरुआती दो अटेम्ट में असफलता मिली। ये ऐसा क्षण था जब लोग निराश होकर कोशिश करना छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा दिखाया, और तीसरे प्रयास में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर ऑल इंडिया रैंक 80 हासिल की।
पुष्पलता की यह उपलब्धि उनके समर्पण और धैर्य का प्रमाण है। कठिनाइयों और बाधाओं के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को नहीं छोड़ा और आईएएस अधिकारी बनकर लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।
उन्होंने समझा कि लोग किस तरह उनका सहयोग कर रहे हैं, इसलिए पुष्पलता यादव ने कभी हिम्मत नहीं हारी, निगेटिविटी को अपने आसपास नहीं आने दिया, लगातार मेहनत की, जिसका परिणाम 2017 में सामने आया, जब उन्हें यूपीएससी सीएसई फाइनल रिजल्ट में सफलता मिली।