पिता दर्जी, पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए बेचा अखबार, चौथे प्रयास में UPSC पास कर रच दिया इतिहास

​संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाले सिविल सेवा परीक्षा के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि इसे पास करना कोई नामुमकिन काम नहीं है। आपको निरंतर कोशिश के साथ, लक्ष्य पाने का हट, प्लानिंग और अपनी ​कमियों को पहचान कर उन्हें ठीक करने की जरूरत है। भले बहुत कम लोग ही इसमें सफल हो पाते हैं। लेकिन जो इन बातों को दृढ़ निश्चय के साथ पूरा करते हैं, वे इस सपने का पूरा कर सकते हैं। इसी तरह के एक एस्पिरेंट रहे हैं Nirish Rajput, जो कि आज अपनी जीतोड़ मेहनत के दम पर आईएएस अधिकारी हैं, पढ़ें उनकी सक्सेस स्टोरी

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated Oct 3 2025, 13:15 IST
फीस भरने के लिए बेचा अखबार, प्रेरणादाय​क है IAS बनने की कहानी​Image Credit : TNN and Canva01 / 06

फीस भरने के लिए बेचा अखबार, प्रेरणादाय​क है IAS बनने की कहानी​

​मध्य प्रदेश के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले निरीश का पालन-पोषण भिंड जिले के एक आर्थिक तंगी वाले परिवार में हुआ। उनके पिता परिवार का पालन-पोषण करने के लिए दर्जी का काम करते थे। पिता की मदद के लिए, उन्होंने अपनी फीस भरने के लिए अखबार बेचना शुरू किया।​​

कहां से की पढ़ाई​Image Credit : TNN and Canva02 / 06

कहां से की पढ़ाई​

​शुरू में Nirish Rajput ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की, इसके बाद स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने के लिए वे ग्वालियर चले गए। यहां कैसे तैसे उधार के नोट्स लेकर पढ़ाई की, और भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सीएसई की तैयारी की।​

शिक्षक के रूप में किया कार्य​Image Credit : TNN and Canva03 / 06

शिक्षक के रूप में किया कार्य​

​यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान, निरीश ने एक कोचिंग संस्थान में शिक्षक के रूप में काम किया। हालांकि, दो साल बाद, उनकी नौकरी एकाएक चली गई। इस असफलता से विचलित हुए बिना, वह अपनी तैयारी जारी रखने के लिए दिल्ली चले गए। बिना कोचिंग के, उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।​

UPSC की तैयारी​Image Credit : TNN and Canva04 / 06

UPSC की तैयारी​

​कोचिंग सेंटरों के छात्रों से दोस्ती की और उनके उधार लिए गए नोट्स से पढ़ाई की। दिन में 18 घंटे पढ़ाई करने के बावजूद उन्हें कई असफलताएं झेलनी पड़ीं, लेकिन वे जानते थे कि तैयारी कभी बेकार नहीं जाती है, इसलिए वे अपनी तैयारी का आकलन करते रहे, और बेहतर कोशिश करते गए।​

मंजिल जरूर मिलेगी भले रास्ता लंबा हो​Image Credit : TNN and Canva05 / 06

मंजिल जरूर मिलेगी भले रास्ता लंबा हो​

​अंततः, उनकी कड़ी मेहनत उनके चौथे प्रयास में रंग लाई जब उन्होंने 370 के AIR के साथ यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की, जिससे उनका लंबे समय से पोषित लक्ष्य पूरा हुआ। Nirish Rajput की कहानी बताती है कि कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती है। मंजिल जरूर मिलेगी भले रास्ता लंबा हो।​

पोस्टिंग​Image Credit : TNN and Canva06 / 06

पोस्टिंग​

​एक सफल आईएएस अधिकारी के रूप में, निरीश राजपूत की यात्रा देश भर के कई उम्मीदवारों के लिए एक शक्तिशाली अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है कि समर्पण और लचीलापन सभी बाधाओं के खिलाफ सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। रिपोर्टों के अनुसार, वह मध्य प्रदेश के पन्ना में जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में तैनात थे।​

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