उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की जिलाधिकारी जसजीत कौर इन दिनों चर्चा में हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ पीठ ने बिजनौर की जिलाधिकारी IAS जसजीत कौर के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है।
जस्टिस मनीष कुमार की एकलपीठ ने यह वारंट जारी करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) बिजनौर को निर्देश दिया है कि वे 5 जनवरी 2026 को डीएम जसजीत कौर को हाई कोर्ट में पेश करें।
जसजीत कौर मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं। उनका जन्म 14 अक्टूबर 1984 को अमृतसर में हुआ था। वहीं उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई।
इसके बाद उन्होंने जीएनडीयू, अमृतसर से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद मद्रास यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीजी की डिग्री ली।
इसके बाद उनकी रुचि प्रशासनिक सेवा में हुई तो उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शरू कर दी। साल 2011 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 291वीं रैंक हासिल की।
यूपीएससी क्रैक करने के बाद उन्हें यूपी कैडर मिला। जसजीत कौर की ट्रेनिंग सीतापुर और आगरा में हुई। वर्ष 2014 में उन्हें उन्नाव में जॉइंट मजिस्ट्रेट का प्रभार दिया गया।
जसजीत कौर को पहली बार फरवरी 2020 में शामली जिले के डीएम के तौर पर तैनाती मिली। फरवरी 2023 से सितंबर 2023 तक वे सुल्तानपुर की डीएम रहीं। इसके बाद उनकी नियुक्ति मेरठ अपर आयुक्त के पद पर की गई। वहां से उन्हें जनवरी 2025 में बिजनौर के डीएम पद पर नियुक्त कर भेजा गया।