बता दें कि भारत के 28 राज्यों में जिस राज्य में मेट्रो का मकड़ा जाल फैला हुआ है, वो देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य और सबसे अधिक जिलों वाला राज्य 'उत्तर प्रदेश' है।
उत्तर प्रदेश परिवहन क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। लोगों को यात्रा का बेहतर अनुभव देने के लिए राज्य के कई शहरों में मेट्रो की सेवा शुरू की गई है। वहीं कई शहर ऐसे भी हैं, जिसमें मेट्रो का काम जारी है और कई शहरों में मेट्रो शुरू करने की योजना बनाई गई है।
उत्तर प्रदेश की सबसे पहली मेट्रो लखनऊ मेट्रो है, जिसकी शुरुआत 2017 में हुई थी।
लखनऊ मेट्रो के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो (एक्वा लाइन - 2019), गाजियाबाद मेट्रो (2011 में वैशाली तक ब्ल्यू लाइन मेट्रो, उसके बाद 2019 तक शहीद स्थल), कानपुर मेट्रो 2021 और आगरा मेट्रो 2024 में शुरू हुई।
यूपी के मेरठ में रैपिड रेल के साथ मेट्रो का काम तेजी से जारी है। जल्द से जल्द काम पूरा कर इसे शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
यूपी के गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में मेट्रो योजना प्रस्तावित है। इन तीनों शहरों में अभी मेट्रो का काम शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही इस योजना को धरातल पर उतारा जाएगा।
भले ही कोलकाता में सबसे पहले मेट्रो चली है और उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है, लेकिन फिर दिल्ली देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। दिल्ली में मेट्रो सेवा की शुरुआत 2002 में हई थी। दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 395 Km का है और शहर में करीब 289 मेट्रो स्टेशन है।