बेटे की शिक्षा के लिए पिता ने बेचा घर, बेटा 23 की उम्र में पहले प्रयास में बना IASऐसे पिता की है जिसने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने के लिए अपना घर तक बेच दिया। ये सक्सेस स्टोरी जितनी IAS Pradeep Kumar Singh की है, उतनी ही उनके पिता व परिवार की भी, क्योंकि सभी ने भरोसा, धैर्य, बलिदान दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि प्रदीप के पिता को उनकी पढ़ाई के लिए अपना घर बेचना पड़ा। दो साल तक परिवार किराए के फ्लैट में रहा। आइए आईएएस प्रदीप कुमार सिंह के बारे में और जानें।
IAS प्रदीप कुमार सिंह एक ऐसे आईएएस हैं, जिन्होंने न केवल अपना, बल्कि अपने परिवार व उन सभी उम्मीदवारों के सपने को पूरा किया जो त्याग से डरते हैं। इन्होंने 23 की उम्र में पहले प्रयास में प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सीएसई परीक्षा को पास कर दिखाया।
हरियाणा के इस लड़के ने 2019 की UPSC परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल की। IAS प्रदीप सिंह हरियाणा के सोनीपत के निवासी हैं। उनके पिता सुखबीर सिंह एक किसान हैं और सोनीपत के गन्नौर ब्लॉक के तिवारी गांव के पूर्व सरपंच भी रह चुके हैं। उनकी मां एक गृहिणी हैं।
प्रदीप सिंह ने सातवीं कक्षा तक सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है। फिर उन्होंने सोनीपत के शंभू दयाल मॉडर्न स्कूल से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई की। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बी.कॉम (ऑनर्स) किया।
प्रदीप सिंह के परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। उनके पिता सुखबीर सिंह सोनीपत में एक पेट्रोल पंप पर काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि प्रदीप के पिता को उनकी पढ़ाई के लिए अपना घर बेचना पड़ा। दो साल तक परिवार किराए के एक फ्लैट में रहा।
अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, प्रदीप सिंह ने कुछ समय तक आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के रूप में काम किया। हालांकि, उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का था। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गए। उन्होंने हर खाली पल का उपयोग पढ़ाई के लिए किया, यहां तक कि काम के दौरान लंच ब्रेक के दौरान भी।
प्रदीप सिंह की कड़ी मेहनत 2019 में रंग लाई जब उन्होंने अपने पहले प्रयास में ही यूपीएससी परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए एक सफलता थी, बल्कि उनके पिता के संघर्षों और त्याग का भी परिणाम थी।