उत्तर प्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां सबसे ज्यादा 75 जिले हैं। किसी भी दूसरे राज्य में इतने जिले नहीं है। लेकिन आज हम यूपी के सबसे खास जिले में से एक सबसे पूर्वी जिले के बारे में जानेंगे। इस जिले का नाम बलिया है, जो कि तीन दिशाओं से बिहार से घिरा है।
बलिया यूपी का इकलौता जिला है, जो कि बिहार से तीन दिशाओं से घिरा है। ये राज्य के सबसे पूर्वी एरिया में है, इसलिए इसे यूपी का सबसे पूर्वी जिला कहा जाता है।
ballia.nic.in के अनुसार, बलिया उत्तर प्रदेश के एकदम उत्तर-पूर्वी हिस्से में है। यह पश्चिम में मऊ, उत्तर में देवरिया, उत्तर-पूर्वी हिस्से में बिहार और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में गाजीपुर से घिरा हुआ है।
शहर का आकार टेढ़ा-मेढ़ा है। इसका एक कोना या सीमा दो बड़ी नदियों; गंगा और घाघरा के संगम पर है। ये नदियां शहर को दूसरे पड़ोसी शहरों से अलग करती हैं।
गंगा नदी बलिया जिले को बिहार से और घाघरा नदी बलिया को देवरिया से अलग करती है। यह शहर मशहूर शहर वाराणसी से सिर्फ 135 किलोमीटर दूर है।
ballia.nic.in के अनुसार, बलिया नाम की शुरुआत के पीछे दो कहानियां हैं। पहली, ऐसा माना जाता है कि बलिया शहर का नाम भारतीय इतिहास के मशहूर संतों में से एक, वाल्मीकि के नाम पर पड़ा है। वहां के लोगों का मानना है कि रामायण के लेखक वाल्मीकि इसी शहर में रहते थे और इसलिए उस जगह पर एक मंदिर बनाया गया था। हालांकि, अब वह मंदिर नहीं है।
ballia.nic.in के अनुसार, दूसरी कहानी के अनुसार, शहर का नाम बलिया यहां की मिट्टी की क्वालिटी की वजह से पड़ा। बलिया में रेतीली मिट्टी है और इस तरह की मिट्टी को ‘बल्लुआ’ के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस शहर को पहले ‘बलियान’ कहा जाता था और फिर इसका नाम बदलकर ‘बलिया’ कर दिया गया।