संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी हो चुका है। इस बड़ी परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों की कहानियां अब सामने आ रही हैं।
एक कहानी दिल्ली पुलिस में तैनात एसीपी अपूर्वा वर्मा की, जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 42वीं रैंक हासिल की है। अपूर्वा ने IPS की नौकरी करते हुए टॉप-50 में अपनी जगह बनाई।
अपूर्वा वर्मा चंपारण के नरकटियागंज की रहने वाली हैं। दादा जी वहां टीपी वर्मा कॉलेज में प्रिसिंपल थे, पिता एक सिविल इंजीनियर हैं। बचपन वहीं गुजरा। पिता ने बोकारो स्टील प्लांट में ज्वाइन किया, तो वहां शिफ्ट हो गए और पढ़ाई वहीं हुई।
29 वर्षीय अपूर्वा ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में यह परीक्षा पास की। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए वह पिछले चार साल से पुलिस सेवा में हैं और अक्सर ही तनावपूर्ण परिस्थितियों से जूझना पड़ता है, जहां तार्किक सोच और समस्या समाधान की जरूरत होती है।
अपूर्वा का मानना है कि सफलता का कोई एक फॉर्मूला नहीं होता। अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानिए और उन्हें परीक्षा की जरूरतों के अनुसार ढालिए।
अपूर्वा वर्मा विवाहित हैं। सोशल मीडिया पर उनकी शादी और शादी से पहले की रस्मों की तस्वीरें हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति कौशिक मंगेरा (इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस) को भी देती हैं।
पुलिस की नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी को लेकर उन्होंने मीडिया को बताया कि मैं अपने iPad पर पढ़ाई करती थी। जब पेट्रोलिंग पर होती थी तो किताबें निकालना संभव नहीं होता था, इसलिए वीडियो लेक्चर सुनने पर ध्यान देती थी।