अग्निवीर (Agnipath) एक योजना है, जिसके तहत देश के साढ़े 17 साल से 21 साल के बीच के युवा जल सेना, वायु सेना और थल सेना में जा सकते हैं। इसके लिए बकायदा पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। एक बार आपका सेलेक्शन हो गया तो एक रेगुलर आर्मी अफसर की तरह ट्रीट किया जाता है। (image - chatgpt)
अग्निवीर (Agnipath) एक योजना है, जिसके तहत देश के साढ़े 17 साल से 21 साल के बीच के युवा जल सेना, वायु सेना और थल सेना में जा सकते हैं। इसके लिए बकायदा पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। एक बार आपका सेलेक्शन हो गया तो एक रेगुलर आर्मी अफसर की तरह ट्रीट किया जाता है।
4 साल की नौकरी पूरी होने के बाद, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 25% अग्निवीरों को स्थायी कैडर में शामिल किया जा सकता है, जबकि शेष 75% को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है, और इन्हें कईसरकारी नौकरियों में कोटा के जरिये प्राथमिकता मिलती है।
देश की रक्षा में जो जहां से खड़ा है, असल में वो बहादुर है, इन्हीं बहादुरों में से एक है अग्निवीर। इनकी नौकरी का स्वभाव ऐसा होता है, जिसमें जान जाने का जोखिम रहता है, ऐसे में पता होना चाहिए कि एक शहीद अग्निवीर के परिवार को सरकार से क्या मिलता है।
इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, अग्निवीर के ड्यूटी के दौरान शहीद होने पर उनके परिजनों को कुल लगभग 1.65 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता मिलती है। इनमें से 48 लाख रुपये का बीमा, 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia), सेवा निधि का हिस्सा और शेष कार्यकाल का वेतन शामिल होता है।
पहले साल में अग्निवीरों Cash in Hand 21000 रुपये, दूसरे वर्ष में Cash in Hand 23000 रुपये, तीसरे साल में Cash in Hand 25000 रुपये और चौथे साल में कुल 27000 रुपये बतौर वेतन दिया जाता है। इसके अलावा फील्ड अलाउंस जैसे राशन कपड़ा भी मिलता है।
इसके अलावा सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष से 8 लाख रुपये की सहायता और आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की तरफ से तत्काल 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी शामिल है। यही नहीं, अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाता है, जो कि गौरव की बात है।