यहां की सर्दियां भी हैं खास, यूं ही नहीं इस शहर को सन सिटी ऑफ इंडिया कहा जाता है

जैसे-जैसे सर्दियों का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोग ऐसे शहरों की तरफ जाने का प्लान बना रहे हैं, जहां खूब धूप आती है। जहां सर्दियों की सिहरन से कुछ राहत मिले। ऐसा ही एक शहर अपने रंगीले राजस्थान में है, जिसका नाम जोधपुर है। जोधपुर को सन-सिटी कहा जाता है। सर्दियों में जोधपुर की खूबसूरती और मौसम हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

Authored by: दिगपाल सिंहUpdated Dec 4 2025, 16:56 IST
मेहरानगढ़ किलाImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in01 / 11

मेहरानगढ़ किला

जोधपुर में 125 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित मेहरानगढ़ किला भारत के सबसे विशाल और शक्तिशाली किलों में से एक है। किले की दीवारों पर आज भी जयपुर सेना के तोपगोले के निशान मौजूद हैं। मोती महल, फूल महल और शीश महल की नक्काशीदार खिड़कियां व जड़ों पर की गई बारीक नक्काशी इसकी भव्यता को और बढ़ाती हैं।

उमैद भवन पैलेसImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in02 / 11

उमैद भवन पैलेस

1929 में महाराजा उमैद सिंह ने अकाल से निपटने के लिए इसका निर्माण शुरू करवाया। यह महल 20वीं सदी का एकमात्र भव्य राजमहल माना जाता है। चित्तार पहाड़ी के पत्थरों से बने होने के कारण इसे चित्तार पैलेस भी कहा गया। इंडो-सरसेनिक, क्लासिकल रिवाइवल और आर्ट डेको की वास्तुकला का अनूठा मिश्रण इसे दुनिया के सबसे बड़े निजी आवासों में शामिल करता है।

शीश महलImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in03 / 11

शीश महल

मेहरानगढ़ किले के परिसर में मौजूद शीश महल अपनी अद्भुत कांचकारी के लिए प्रसिद्ध है। दीवारों और छतों पर की गई चमकदार शीशे की कलाकृतियां इसे अद्वितीय दर्शनीय स्थल बनाती हैं।

चामुंडा माताजी मंदिरImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in04 / 11

चामुंडा माताजी मंदिर

राव जोधा की आराध्या देवी चामुंडा माताजी की प्रतिमा को किले में स्थापित किया गया था। तभी से यह स्थल धार्मिक महत्व से जुड़ गया और आज भी शाही परिवार की इष्ट देवी के रूप में पूजा जाती हैं।

रणीसार–पद्मसर झीलेंImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in05 / 11

रणीसार–पद्मसर झीलें

साल 1459 में निर्मित ये दो झीलें फतेह पोल के पास मौजूद हैं। रानी जसमा देवी और रानी पद्मिनी द्वारा बनवाई गई ये झीलें जल संरक्षण के ऐतिहासिक उदाहरण हैं।

जसवंत थड़ाImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in06 / 11

जसवंत थड़ा

दूधिया सफेद संगमरमर से बना यह स्मारक महाराजा जसवंत सिंह की याद में बनाया गया था। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट द्वारा संचालित, यह जगह संगीत उत्सवों के दौरान एक शांतमय स्थल बन जाता है।

सरदार समंद झील व पैलेसImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in07 / 11

सरदार समंद झील व पैलेस

साल 1933 में महाराजा उमैद सिंह द्वारा बनवाया गया यह शिकार लॉज आज पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा है। यहां प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की कई प्रजातियां देखी जा सकती हैं।

मसूरिया हिल्सImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in08 / 11

मसूरिया हिल्स

मसूरिया गार्डन जोधपुर के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय स्थलों में से एक है। बाबा रामदेव के प्राचीन मंदिर और शहर का विहंगम दृश्य यहां की विशेषताएं हैं।

कैलाना झीलImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in09 / 11

कैलाना झील

जैसलमेर रोड पर स्थित यह झील पिकनिक व बोटिंग के लिए उपयुक्त मानी जाती है। यहां पर जिप लाइनर की सुविधा भी उपलब्ध है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को लंबे समय तक याद रहती है।

गुड़ा गांवImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in10 / 11

गुड़ा गांव

बिश्नोई समुदाय का यह गांव प्रकृति और वन्यजीवन के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। यहां डेमोइसले क्रेन, काले हिरण और नील गायें आसानी से देखी जा सकती हैं।

बालसमंद झीलImage Credit : Tourism.rajasthan.gov.in11 / 11

बालसमंद झील

साल 1159 ईस्वी में जोधपुर से 5 किमी दूर निर्मित यह झील और इसके किनारे स्थित ग्रीष्मकालीन पैलेस आज प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। हरे-भरे बाग और विभिन्न तरह के वृक्षों ने इसे और आकर्षक बना दिया है।

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